बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में आने वाले, निवासरत एवं कार्यरत व्यक्तियों द्वारा अग्रिम सत्यापन
पुलिस उपमहानिरीक्षक, कुमायूं परिक्षेत्र, डॉ नीलेश आनंद भरणें, द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम की धारा 52(3) के अन्तर्गत बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों, छात्रों, श्रमिकों एवं किरायेदारों, घरेलू नौकरों आदि का सत्यापन कराया जाना अनिवार्य है। तथा क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों द्वारा अपराध घटित कर फरार हो जाने के दृष्टिगत बाहरी राज्यों से आने वाले समस्त व्यक्तियों को सत्यापन कराया जाना आवश्यक है ।
सत्यापन हेतु प्राप्त होने वाले प्रपत्रों पर थाना कार्यालयों तथा जनपदीय पुलिस कार्यालय स्तर से अग्रिम सत्यापन की कार्यवाही निम्न प्रकार से जनहित में प्रचलन में लाई जाएगी-
सम्बन्धित व्यक्ति को संशोधित सत्यापन प्रपत्र एवं प्रस्तुत किये जा रहे दस्तावेजों के सम्बन्ध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा, कि मेरे द्वारा दिये गये दस्तावेज सही हैं ।
उक्त के अतिरिक्त व्यक्ति द्वारा सत्यापन की कार्यवाही के समय तत्पश्चात अपने मूल निवास से सम्बन्धित थाना/जपदीय कार्यालय से निर्धारित प्रारुप में सत्यापन रिपोर्ट/चरित्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
उक्त सत्यापन की कॉपी उस थाना में भी देगा जहां वह आया हो तथा एक कॉपी अपने पास रखेगा।
व्यक्ति द्वारा सलग्न संशोधित सत्यापन पपत्र के अनुसार ही सूचना भरकर शपथ पत्र तथा सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी ।
पूर्व में निर्गत संशोधित नियम/प्रारुप के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम के अनुसार विस्तृत निर्देश जारी कर उसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाये ,जिसमें निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी ।
कूटरचित दस्तावेज तथा गलत शपथ पत्र प्रस्तुत करने वाले के विरुध भी आई0पी0सी0 की सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जाये ।
#डीआईजी महोदय द्वारा स्थानीय जनता से आग्रह किया गया है कि बिना सत्यापन के किसी भी बाहरी व्यक्ति को ना तो किराये पर रखे, ना ही अपनी दुकानों या संस्थानों में कार्य हेतु, ना ही घरेलू नौकर हेतु रखें तथा ऐसे किसी भी बाहरी व्यक्ति के बिना सत्यापन अपने आस-पास होने की जानकारी भी तत्काल सम्बन्धित थाने में दें।

