विभाग को नहीं सुध ,नर्स व एएनएम के अधीन चल रहा है भैसियाछाना सेराघाट प्राथमिक अस्पताल :नेगी
अल्मोडा: भैसियाछाना विकास खंड के सेराघाट प्राथमिक अस्पताल में पांच सालों महिला चिकित्सक न होने के कारण नर्स व एएनएमों के अधीन चल रहा है। पांच साल बीतने के बाद भी सेराघाट प्राथमिक अस्पताल में महिला चिकित्सक व लैब टेकनीशियन व नर्सों की नियुक्ति नहीं हुई है।
रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने कहा कि रीठागाड क्षेत्र का 80 साल पुराने अस्पताल भैसियाछाना है। लेकिन उतराखड राज्य बनने के बाद इस प्राथमिक अस्पताल के लिए न तत्कालीन सरकार ने कोई ध्यान दिया और न वर्तमान सरकार ध्यान दे रही है।
तली मली रीठागाड व पिथौरागढ़ जिले व बागेश्वर जिले के सीमांत क्षेत्र का केंद्र सेराघाट है। लेकिन भैसायाछाना सेराघाट प्राथमिक अस्पताल में पांच बीतने के बाबजूद भी आज महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई। सेराघाट से अल्मोडा की दूरी 60से 70 किलोमीटर है। क्षेत्रीय ग्रामीण लोगों को रोड के अभाव के कारण भैसियाछाना सेराघाट प्राथमिक से अल्मोडा जिले अस्पताल में जाने आने की दिक्कत आती है।
प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने बताया पांच साल पहले इस अस्पताल में लेडीज़ डाक्टर व नर्सों के द्बारा महिलाओं का प्रसव किया जाता था। लेकिन पांच साल बितने के बाबजूद भी आज ये प्राथमिक अस्पताल बिना लेडीज़ व बिना स्टाफ न नसों के द्बारा चल रहा।एक स्टाफ नर्स और एक एनेम ही के द्बारा गर्भवती महिलाओं का प्रसव किया जाता है।
इस अस्पताल में लेडीज़ डाक्टर व लैवटकसियन केलिए रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष के द्बारा लंबे समय से मांग की जा रही है। लेकिन शासन प्रशासन की ओर से रीठागाड केलिए स्वास्थ्य संबंधित समस्यायों के निराकरण हेतु कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।।
समिति के सदस्यों ने व जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश में आकर शासन प्रशासन को चेतावनी दी।भैसियाछाना बिकास के भैसियाछाना सेराघाट प्राथमिक अस्पताल में लेडीज़ डाक्टर की नियुक्ति व लैब टैक्नीशियन की नियुक्ति की जाय अगर शासन प्रशासन की ओर से कोई समाधान नहीं किया गया तो रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मन बना लिया धरना प्रदर्शन करने केलिए। ग्राम प्रधान पूजा आर्य,बलबीर सिंह,मनोज कुमार, भूतपूर्व क्षेत्रीय पंचायत सदस्य संतोष कुमार, बंशी दंत, क्षेत्रीय पंचायत सदस्य दुर्गा पाल,महिला संगठन के महिलाओं ने आपत्ति जताई।

