मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने विधानसभा के तीनों विकास खण्डों में करीब 200 स्थानों पर पुस्तकालय स्थापित करने की कवायद की शुरू

मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने विधानसभा  के तीनों विकास खण्डों में करीब 200 स्थानों पर पुस्तकालय स्थापित करने की कवायद की शुरू
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पौड़ी। उच्च शिक्षा, सहकारिता, प्रोटोकॉल ,आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विकास भवन सभागार पौड़ी में आज विकासखंड थलीसैंण, खिर्सू, पाबौ हेतु विद्यालय शिक्षा व ग्रामीण पुस्तकालय, क्षेत्र में साक्षरता को षतप्रतिषत कराने तथा जिला आपदा प्रबंधन की बैठक ली। आयोजित बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पौड़ी शान्ति देवी, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई सहित अन्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

मंत्री ने अपने विधान सभा क्षेत्र के तीनों विकास खण्डों में करीब 200 स्थानों पर पुस्तकालय स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी। जिस हेतु उन्होने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर सुझाव मांगा।  उक्त पुस्तकालय में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए पाठन पाठन सामाग्री मौजूद होगी। जिस हेतु उन्होने पुस्तकालय को माॅडल के रूप में विकसित करने के दिशा निर्दश दिये। कहा कि 15 अगस्त 2021 को पुस्तकालय का लोकार्पण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने जनपद के सभी क्षेत्रों में समय पर औशधि किट घर-घर पहुंचाने हेतु कार्यो की प्रषंसा करते हुए जिलाधिकारी गढ़वाल एवं मुख्य चिकित्या अधिकारी को बधाई दी। आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान उन्होने कडी निर्देष देते हुए कहा कि सड़क, पेयजल व विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर अधिकतम 2 घण्टे के भीतर सुचारू होने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए जिलाधिकारी को दिये दिशा निर्दश।
 

डॉ. रावत ने आयोजित बैठक में कहा क्षेत्र के निरीक्षर लोगों को साक्षरता हेतु गांव में ही शिक्षित स्वयं सेवी युवाओं का चयन कर जिम्मेदारी सौंपा जाय। जिससे वह बुजुर्ग या निरक्षर लोगों को शिक्षा के माध्यम से साक्षर कराये जा सकें। कहा कि तीनों ब्लॉकों हेतु अलग-अलग अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे वह समय समय पर साक्षरता का जायजा ले सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस गांव में अधिक संख्या में लोग हैं वहां मानक के अनुसार 30 लोगो पर एक स्वयं सेवी को जिम्मेदारी सौंपे जिस हेतु उन्होने मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्दश दिये। पाठ्य क्रम को रूचिकर बनाया जाय तथा साक्षरता के प्रति साथ लोगों को जागरूक करना सुनिश्चित करें।
    मंत्री डॉ. रावत ने जिला आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी को पेयजल, लोनिवि, सिंचाई सहित संबंधित विभागों की बैठक कर मानसून सीजन से निपटने के लिए तैयार रखने को कहा। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में कुल उपलब्ध  जेसीबी मशीनों की लिस्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला प्लान से जितने भी सड़के हैं उन्हें आपदा विभाग द्वारा पूर्व में साफ करें, जिससे भूस्खलन कि स्थिति ना बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मानसून सीजन के दौरान क्षतिग्रस्त विद्युत पेयजल लाइनें सड़कों को 02 घंटे के भीतर सुचारू करना सुनिश्चित करें, जिससे आम जनमानस को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। आयोजित बैठक में मंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य की तारीफ करते हुए कहा कि गांव-गांव में मुख्यमंत्री कोविड कीट, आइबरमेक्टिन दवाई, मास्क व सेनेटाइजर समय पर पहुंचा है।
 

इस अवसर पर राज्य सहकारी संघ अध्यक्ष मातबर सिंह रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज शर्मा, डीपीआरओ एमएम खान, मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत, जल संस्थान अधिशासी अभियंता शिव कुमार राय आदि उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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