मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 22 बैंक खातों में जमा 4.76 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 22 बैंक खातों में जमा 4.76 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
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नई दिल्ली/आइजोल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आइजोल उप-जोनल कार्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 बैंक खातों में जमा करीब 4.76 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 28 सितंबर 2026 को जारी अस्थायी कुर्की आदेश के माध्यम से की गई।

ईडी ने यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), अगरतला जोनल यूनिट की ओर से एनसीबी केस संख्या 07/2025 में दाखिल अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू की थी। मूल अपराध से संबंधित मामले में 21 अगस्त 2025 को मिजोरम में कीफांग और सेलिंग के बीच संयुक्त अभियान के दौरान 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। एनसीबी की जांच में अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं के पार सक्रिय संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ था।

जांच के अनुसार, मादक पदार्थों की कथित तौर पर म्यांमार से आपूर्ति की जाती थी और भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते मिजोरम में लाकर देश के अन्य हिस्सों में मौजूद प्राप्तकर्ताओं और संचालकों तक पहुंचाया जाता था। इस नेटवर्क में म्यांमार स्थित आपूर्तिकर्ताओं के साथ स्थानीय समन्वयक, परिवहनकर्ता, सुरक्षा वाहन और मादक पदार्थ प्राप्त करने वाले लोग शामिल थे।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन को विभिन्न व्यक्तियों और कारोबारी संस्थाओं के नाम पर संचालित बैंक खातों के माध्यम से एकत्रित, स्थानांतरित और विभिन्न स्तरों पर घुमाया जाता था। जांच में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े धन की प्राप्ति, हस्तांतरण और निपटान के लिए संगठित हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल के संकेत भी मिले। कई बैंक खातों में बड़ी रकम जमा होने, बार-बार नकद जमा किए जाने और तत्काल अन्य खातों में धन स्थानांतरित किए जाने जैसी गतिविधियां पाई गईं। जांच के अनुसार, इन खातों में लेनदेन संबंधित खाताधारकों द्वारा घोषित कारोबारी गतिविधियों की तुलना में असंगत रूप से अधिक था।

जांच में थांगचिन्तुआंग उर्फ चिंतुआंग, जो म्यांमार का नागरिक है, को इस मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया गया है। वह म्यांमार से भारत में मादक पदार्थों की खरीद, आपूर्ति, परिवहन और धन के निपटान की गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल था। एनसीबी ने उसे मई 2026 में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में आइजोल केंद्रीय जेल में बंद है।

ईडी के अनुसार, अपने बयान में चिंतुआंग ने म्यांमार से हेरोइन और मेथामफेटामाइन की खरीद तथा भारत में उनकी आपूर्ति में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ वह मादक पदार्थों की खेप भी उपलब्ध कराई थी, जिसे एनसीबी ने 21 अगस्त 2025 को जब्त किया था। उसने म्यांमार से मादक पदार्थों की खरीद, भारत-म्यांमार सीमा से लगे दुर्गम रास्तों के जरिए परिवहन, भारतीय प्राप्तकर्ताओं तक डिलीवरी और तस्करी से प्राप्त धन के निपटान के तरीके के बारे में भी जानकारी दी।

उसके द्वारा बताए गए बैंक खातों की जांच के बाद बैंकिंग लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की गई। इसमें विभिन्न खातों के बीच बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरण, नकद जमा और तेजी से धन को आगे स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान चिन्हित और पता लगाए जा सकने वाले अपराध से अर्जित धन की राशि 4,76,51,149 रुपये पाई गई, जिसे पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।

इससे पहले पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी कार्रवाई के दौरान आरोपियों और अन्य लाभार्थियों के विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब 3.42 करोड़ रुपये की राशि को धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज किया गया था। इस प्रकार अब तक करीब 8.19 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित संपत्ति को पीएमएलए के तहत सुरक्षित किया जा चुका है। इसमें करीब 3.42 करोड़ रुपये की फ्रीज की गई राशि और 4.76 करोड़ रुपये की वर्तमान में अस्थायी रूप से कुर्क की गई राशि शामिल है।

देवभूमि खबर

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