मुख्यमंत्री जनता दरबार कब लगायेंगे:बौड़ाई

मुख्यमंत्री जनता दरबार कब लगायेंगे:बौड़ाई
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देहरादून।मुख्यमंत्री जी द्वारा जनता का अधिकारियो से मिलने के लिये एक दिन सुनिश्चित किया जाना तरीफेकबिल है, लेकिन मुख्यमंत्री स्वयं और उनके मंत्री गण कब जनता के लिये उपलब्ध होंगे? उत्तराखंड क्रांति दल के मीडिया प्रभारी विजय बौड़ाई ने कहा कि सरकार द्वारा प्रत्येक सोमवार का दिन आम जन का अधिकारियो के साथ मिलने के लिये निश्चित किया जाना स्वागत योग्य है।

आमजन अब अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे लेकिन अपनी समस्याओं को जनता अपने मुख्य सेवक अर्थात मुख्यमंत्री व मंत्रीगणों के समक्ष कब रख पाएगी इसके लिये समय निर्धारित न किया जाना कष्टप्रद है। आम जनता अधिकारियो के बजाय जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याओं को ज्यादा अच्छे ढंग और सरलता से रख सकती है , लेकिन मुख्यमंत्री तथा उनके सहयोगी जनता से मिलने से कतरा रहे हैं। पहले सभी मुख्यमंत्री जनता दरबार लगते रहे हैं लेकिन पिछले सरकार में रहे मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री जनता दरबार नही लगा रहे हैं जोकि गलत तरीका तथा जनता का सामना करने से भागना जैसा है। कुछ दिन पूर्व भी मुख्यमंत्री से ने मंत्रीगण,अधिकारी,सांसदों विधायकों ओर अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों के लिये मिलने का समय निर्धारित किया लेकिन उसमे आम जनता से मिलने के लिये कोई समय निर्धारित नही था। मुख्य मंत्री जी ने अपना कर्तव्य तो अधिकारियो के जिम्मे कर दिया ,जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि वह स्वयं जनता से नही मिलना चाहते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय या आवास में आम जन को प्रवेश मिलना बहुत ही कठिन है जबकि उत्तराखंड की मांग ही इसलिए की थी कि मुख्यमंत्री व मंत्री से आम जन सरलता से मिल कर अपनी समस्या का निराकरण करा सके।

बौड़ाई ने कहा कि मैं स्वयं देहरादून में रहकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिये 5 बार सेअधिक बार समय मांग चुका हूं लेकिन मुख्यमंत्री स्टाफ से अभी तक मुझे भी समय नई मिल पाया तो आम जन जो बहुत दूर भी रहता हो ,उसको अपने मुख्यमंत्री से मिलना असमभव है।शायद इतनी बार मैं उत्तरप्रदेश या दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेता तो वँहा मिलने समय मिल जाता। अब अधिकारियो से मिलने का दिन तो निश्चित हो गया है लेकिन इसके साथ ही मिलने का समय भी निर्धारित किया जाय तथा जनता द्वारा दिये गए समस्याओं के प्रार्थना पत्रों के निराकरण की समय सीमा भी निर्धारित की जाय ताकि जनता के लिये यह पहल फायदेमंदऔर उपयोगी हो सके।

देवभूमि खबर

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