शांतिकुंज में किशोर संस्कार प्रशिक्षक प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ

हरिद्वार।देवभूमि खबर। यदि देश का युवा जाग जाये, तो वह भारत को नई बुलन्दियों तक पहुँचा सकता है। इन्हीं उद्देश्य से शांतिकुंज ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व ओडिशा के चयनित किशोरों का एक सेमीनार आयोजित किया। इसका शुभारंभ शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस तरह की सेमीनार शृंखलाबद्ध रूप से चलाई जायेगी।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कार्यकर्त्री डॉ. गायत्री शर्मा ने कहा कि हमारे ऋषियों ने संस्कार के माध्यम से शोधन का उपाय बताया है। आज के किशोर देश के भावी कर्णधार हैं, जिनका निर्माण तदनुसार ही किया जाना चाहिए। यह अवस्था शारीरिक बदलाव के साथ-साथ मानसिक बदलाव की भी है। इस दौरान सही मार्ग दिखाने की आवश्यकता है। उनमें रचनात्मक सोच पैदा करने के लिए गायत्री परिवार द्वारा किशोर संस्कार शाला चलाया जा रहा है। जो आज की परिस्थितिजन्य कारणों के अनुसार आवश्यक है। डॉ. शर्मा ने कहा कि किशोरों को जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव कर सादा जीवन उच्च विचार का मंत्र सिखाना चाहिए।
युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी व शिविर समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि किशोरों को व्यक्तित्व परिष्कार करने का सूत्र देकर उन्हें श्रेष्ठ, शालीन युवा बनने की प्रक्रिया सिखाने के उद्देश्य से किशोर संस्कार प्रशिक्षक प्रशिक्षण सत्र चलाया जा रहा है। प्रस्तुत सत्र में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व ओडिशा राज्य के चयनित किशोर शामिल हैं। चार दिन तक चलने वाले इस सत्र में कुल बीस सत्र होंगे, जिसे अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या, संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी, डॉ. ओपी शर्मा, कालीचरण शर्मा, डॉ. बृजमोहन गौड़, देसंविवि के प्रतिकुुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, डॉ. कुंती साहू सहित अनेक वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ सम्बोधित करेंगे।

