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सीएस ने भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने के दिये निर्देश

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देहरादून।मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने शुक्रवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पीपीई किट का क्रय ना किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी आवश्यकता के अनुसार पीपीई किट्स की मांग चिकित्सा महानिदेशालय से की जाए। चिकित्सा महानिदेशालय भारत सरकार को अपनी रिक्वायरमेंट भेजेगा। भारत सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले पीपीई किट उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि आईसीएमआर के दिशा – निर्देशों को पालन करते हुए कोविड-19 के टेस्ट किए जाएं साथ ही सभी कोरोना पाॅजीटिव व्यक्तियों के फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टाॅल किया जाए। उन्होंने 20 अप्रैल, 2020 के बाद भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार खोले जा सकने वाले अनुमन्य कार्यों हेतु आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाईजेशन की जांच आवश्यक रूप से कर ली जाए।
अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने कहा कि 20 अप्रैल, 2020 से कुछ आवश्यक निर्माण कार्यों को शुरू किया जा सकेगा। इसमें ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जो पूर्ण होने की स्थिति में हैं। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 हेतु अस्पतालों को इसमें प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए सोशल डिस्टेंश एवं सैनेटाईजेशन की उचित व्यवस्था की जाए।
पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अन्य राज्यों के मजदूर को रखा गया है, उनसे लगातार सम्पर्क में रहा जाए। उनमें भ्रांति की स्थिति उत्पन्न हो रही है कि 20 अप्रैल, 2020 से वाहनों एवं रेलगाड़ी आदि को खोला जाएगा। उनसे लगातार सम्पर्क कर समझाया जाए कि 20 अप्रैल से कुछ आवश्यक कृषि एवं निर्माण के कार्य ही खोले जाएंगे।
प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार ने बताया कि उद्योग से जुड़ी स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम एप्लीकेशन पाॅर्टल शुरू किया जा रहा है। परन्तु दूरस्थ क्षेत्रों में जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या है, प्रार्थनापत्र आॅफ लाईन भी जमा किए जा सकेंगे।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि इंडस्ट्री वेरीफिकेशन का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। इसमें लेबर के रहने की अथवा आने जाने की व्यवस्था सहित सैनेटाईजेशन एवं दो पालियों के मध्य अंतराल का विशेष ध्यान रखते हुए उचित व्यवस्थाएं की जाएं।
सचिव कृषि श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने कहा कि खरीफ की फसल की तैयारी हेतु सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएं। उन्होेंने कहा कि राज्य में बीज, पेस्टीसाईड आदि की भी प्र्याप्त मात्रा है। सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में पेस्टीसाइड की उपलब्धता जांच कर शासन को अवगत करायें। पशुओं का चारा भी प्र्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फसलों के लिए क्रय केन्द्रों हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। क्रय केन्द्रों में सैनेटाईजेशन एवं मास्क आदि की व्यवस्थाएं सुुनिश्चित की जाएं।
सचिव खाद्य आपूर्ति श्री सुशील कुमार ने कहा कि क्रय केन्द्रों में खरीद ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से की जानी है। इसमें किसान का रजिस्ट्रेशन होगा एवं किसान को एसएमएस के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि उसे किस दिन अपने उत्पाद को लेकर क्रय केन्द्र आना है।
इस अवसर पर सचिव श्री अमित नेगी, श्री नितेश झा, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था श्री अशोक कुमार एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रिद्धिम अग्रवाल भी उपस्थित थीं।

देवभूमि खबर

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