हरकी पैड़ी पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं संग किया उपवास
हरिद्वार।देवभूमि खबर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली स्थित प्राचीन व ऐतिहासिक रविदास मंदिर तोड़े जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर हरकी पैड़ी स्थित संत रविदास मंदिर के समीप कार्यकर्ताओं के साथ सांकेतिक रूप से उपवास किया। इस अवसर पर हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकारों की दलित विरोधी नीति किसी भी रूप में सहन नहीं की जाएगी। दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रविदास मंदिर का ध्वस्तीकरण किया जाना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संत गुरू रविदास व भगवान वाल्मिीकि मंदिरों का सौन्दर्यकरण कार्य बंद किया जाना दलितों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी स्थित संत गुरू रविदास व भगवान वाल्मिीकि के ऊपर स्थित पैदल पुल को हटाकर नया पुल बनाए जाने की पूर्ववर्ती सरकार की कोशिशों को वर्तमान भाजपा सरकार ने ठण्डे बस्ते में डाल दिया है। हरीश रावत ने कहा कि जातपात व धर्म का भेदभाव फैलाकर पूरे देश में लोगों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी हमेशा ही सभी वर्गो के विकास में अपना योगदान देती चली आ रही है। देश भर में दलित उत्पीड़न की घटनाएं शर्मसार कर देने वाली घटनाएं हैं। लेकिन सत्ता में बैठी सरकार इन घटनाओं को लेकर चुप्पी साधे हुए है। दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित ऐतिहासिक रविदास मंदिर को हटाया जाना सरकार की औछी मानसिकता को दर्शाने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार दलितों के नाम पर मात्र वोट राजनीति कर रही है। दलित नेता तीर्थपाल रवि, विशाल राठौर, सीपी सिंह आदि ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास का मंदिर तोड़ा जाना सरकार की विफलताओं को दर्शाता है। संत गुरू रविदास व भगवान वाल्मिीकि के मंदिरों के सौन्दर्यकरण पर रोक लगाना सरकार की मानसिकता को दर्शा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। आर्थिक रूप से देश कमजोर हो रहा है। बेरोजगारी बढ़ रही है। इस अवसर पर ठाकुर रतन सिंह, संदीप गौड़, रविश भटीजा, संतोष चैहान, सुभद्रा आर्य, बलराम राठौर, पुरूषोत्तम शर्मा, अमरदीप रोशन, ओपी चैहान, किरणपाल बाल्मिीकि, पुरूषोत्तम शर्मा, राजबीर सिंह चैहान, आकाश भाटिया, अंजू द्विवेदी, राव कासिफ, नजाकत अली, साजिद अब्बासी, एडवोकेट राव फरमान अली, एडवोकेट राव शहबाज, नरेश, दिनेश पुण्डीर, सुशील राठी आदि सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

