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धामी मंत्रिमंडल के 13 महत्वपूर्ण फैसले: सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में छूट, बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

धामी मंत्रिमंडल के 13 महत्वपूर्ण फैसले: सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में छूट, बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
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हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार, निवेश को बढ़ावा देने और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली और नए अग्निशमन कानून सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

बैठक में उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया गया। मंत्रिमंडल ने राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी केंद्र सरकार से सहयोग जारी रखने की अपेक्षा जताई।

मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित अभिकरणों को उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिया जाएगा। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।

छोटे अपराधों के प्रावधानों में बदलाव की तैयारी
व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और कारोबार के अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निर्माण और विकास गतिविधियां होंगी विनियमित
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान से बचाना है।

विधानसभा का तृतीय सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री अधिकृत मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

अग्निशमन सेवाओं के लिए आएगा नया कानून
प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक विकास, बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और आग की संभावित घटनाओं से उत्पन्न चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा अग्निशमन कानून को संशोधित कर नया कानूनी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है।

सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमावली में संशोधन
राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। पूर्व में वर्ष 2025 की नियमावली के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा से संबंधित प्रावधान किए गए थे। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुरानी नियमावली को अधिक्रमित कर नई नियमावली तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव
उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को एक वर्ष का विस्तार
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को एक मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से किया जाएगा।
हरिद्वार की आवासीय परियोजना को पहुंच मार्ग में छूट
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए नौ मीटर चौड़ा मार्ग निर्धारित था, जबकि मौके पर छह मीटर चौड़ा मार्ग उपलब्ध है। ऐसे में मार्ग की चौड़ाई में तीन मीटर की छूट देने का निर्णय लिया गया।
ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी
बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी गई। 10 नवंबर, 2023 के शासनादेश में गलत अंकित खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी।

साहसी बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी। इसके अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित करना है।

मंत्रिमंडल के इन निर्णयों से राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, आधारभूत ढांचे के विकास, आपदा जोखिम कम करने, युवाओं के सेवायोजन और बच्चों के साहस को प्रोत्साहित करने से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आगे की कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

देवभूमि खबर

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