15 जुलाई को भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विशाल धरना-प्रदर्शन

15 जुलाई को भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विशाल धरना-प्रदर्शन
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देहरादून।देवभूमि खबर। जिस प्रकार से केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा एवं राज्य में त्रिवेन्द्र रावत सरकार द्वारा जन साधारण के मुद्दों की अनदेखी लगातार की जा रही है उसके विरोध में आगामी 15 जुलाई को उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम ंिसह के नेतृत्व में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आहुत किया गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किये गये वार्षिक आम बजट में जिस तरह से पेट्रोल एवं डीजल के दामों में वृद्धि की गई तथा जिसके परिणामस्वरूप मंहगाई आज अपने चरम पर है उससे आम आदमी का जीना दूभर हो चुका है। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। भाजपा नेताओं ने लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान देश की जनता से पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने के साथ-साथ मंहगाई कम करने का सब्जबाग दिखाया था परन्तु उसके विपरीत मंहगाई लगातार बढ़ती जा रही है तथा आम आदमी मंहगाई से त्रस्त है।
राफेल लडाकू विमानों की डील में केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया है। पिछले पांच सालों से लगातार कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर मुखर होकर मोदी सरकार से विमान खरीद समझौते और विमान की सही कीमत सार्वजनिक करने तथा इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की लगातार मांग कर रही है परन्तु केन्द्र सरकार द्वारा इस मांग को नकारा जा रहा है जो कि सौदे में हुए भारी घोटाले का परिचायक है। राज्य सरकार द्वारा पारित पंचायती राज एक्ट संशोधन विधेयक में भारी अव्यवहारिकता हैं। उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार द्वारा पारित राज्य के पंचायती राज एक्ट संशोधन विधेयक में आरक्षित वर्ग के लिए शैक्षिक योग्यता 8वीं पास तथा सामान्य वर्ग के लिए 10वीं पास का प्रावधान किया गया है तथा 14 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ तय नहीं किया गया है। जबकि लोकसभा एवं विधानसभा के लिए शैक्षिक योग्यता का कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी कानून बनने के बाद लागू होता है लेकिन इस संशोधन के अनुसार दो से अधिक संतान वाला हर व्यक्ति अपात्र हो जायेगा। दो बच्चों की शर्त के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इस प्रकार की कई खामियां विधेयक में हैं जिन ग्राम पंचायतों में प्रत्याशी शैक्षिक योग्यता एवं बच्चों का मापदण्ड पूर्ण नहीं कर पायेंगी उनमें पंचायतों का गठन नहीं हो पायेगा। राज्यभर में 50 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन का प्रावधान है जिसके बिना पंचायतों का गठन संभव नहीं है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार का कोई सर्वेक्षण नहीं कराया गया है जिससे यह प्रतिबन्ध प्रभावी हो।
प्रदेश सरकार द्वारा जिला विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से उत्तराखण्ड की जनता में भारी रोष है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने निजी निर्माण करने के लिए प्राधिकरण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने में भविष्य में कठिनाई का सामना करना पड रहा है। जिला विकास प्राधिकरण भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्राधिकरणों के गठन के निर्णय को व्यापक जनहित में वापस लिया जाना चाहिए।
राज्य में स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से बदहाल हो चुकी हैं। चिकित्सालय खस्ताहाल हैं तथा चिकित्सकों की कमी की वजह से मातृ शक्ति को सड़कों तथा शौचालयों में प्रसव को मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य के प्रमुख सरकारी चिकित्सालयों में या तो मशीन खराब पड़ी हुई हैं या दवाई की भारी कमी है। अटल आयुष्मान योजना का सच भी लोगों के सामने आ चुका है तथा केन्द्र सरकार ने भी इससे अपना पल्ला झाड लिया है। इस योजना में लाखों रूपये के बड़े-बड़े घोटाले सामने आने के बावजूद राज्य सरकार नकेल कस पाने में असमर्थ हो रही है। उत्तराखण्ड राज्य में संचालित 108 आपातकालीन सेवा एवं खुशियों की सवारी में कार्यरत कर्मचारियों की सेवायें अचानक समाप्त कर दी गई जिससे जीवनदायिनी आपातकालीन सेवा दम तोड़ती नजर आ रही है। राज्य के मेडिकल काॅलेजों में शुल्क में बेतहाशा बढ़ोत्तरी की गई है जिससे स्पष्ट होता है कि गरीब परिवार के बच्चों की मेडिकल शिक्षा के लिए सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। इन 9 बिन्दुओं पर आगामी 15 जुलाई को देहरादून के गांधी पार्क में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सरकार को चेताने का कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है।

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