3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में दुग्ध चूर्ण निर्मित दूध पिलाया गया

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नई टिहरी । मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अन्तर्गत जिलाधिकारी डाॅ0 वी0 षणमुगम द्वारा फोर्टिफाईड मीठा सुगन्धित दुग्ध चूर्ण से निर्मित दूध आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में पिलाया गया। जिलाधिकारी द्वारा नई टिहरी स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों के वैष्णवी, अनिरूद्ध, दीक्षिता, अवन्तिका, अवनी, आर्यन, प्रिंस, आराध्या, आरवी एवं आशुलेख को दुग्ध पान कराया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री आॅचल अमृत योजना बच्चों के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण योजना है जो राज्य सरकार द्वारा बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए चलायी गयी है। उन्हांेने कहा कि इस दूध के सेवन से बच्चों का न्यूट्रीशन लेबल मेंटेन रहेगा। जिससे बच्चें का शारीरिक एवं मानसिक विकास अच्छे से हो सकेगा। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को निर्देश दिये कि इस योजना के बेहतर संचालन में अपना सहयोग दें। दुग्ध चूर्ण से दूध बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय। जिस पानी में दुग्ध पाउडर घोला जाय वह भी फिल्टरयुक्त होना चाहिए। उन्होने बाल विकास विभाग के सीडीपीओ को इस कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिये है।
मैनेजर आंचल डेरी एके सिंह ने बताया कि फोर्टिफाईड मीठा सुगन्धित दुग्ध चूर्ण से निर्मित दूध आंगनबाड़ी केन्द्र में पहुंचने वाले 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को सप्ताह में दो दिन मंगलवार एवं शुक्रवार को पिलाया जा रहा है। प्रत्येक बच्चे को 100 ग्राम. दूध पिलाया जा रहा है। उन्होने बताया कि जनपद के सभी नौ विकासखण्डों में 1959 आंगनबाड़ी केन्द्रों के 11078 (ग्यारह हजार अठहत्तर) बच्चों को मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना गत 1 मई से प्रारम्भ हुई है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दुग्ध संघ जगदम्बा बेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, जिला विकास अधिकारी आनन्द सिंह भाकुनी, सहायक निदेशक दुग्ध पे्रमलाल आदि उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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