उत्तराखंड एसटीएफ ने 25,000 रुपये के ईनामी अपराधी को बिहार से किया गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ ने 25,000 रुपये के ईनामी अपराधी को बिहार से किया गिरफ्तार
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देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 25,000 रुपये के ईनामी अपराधी अक्षेश्वर तिवारी को बिहार के सिवान जिले से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस महानिदेशक (DGP) अभिनव कुमार द्वारा राज्य के इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। अक्षेश्वर तिवारी पर उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र में रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। इसी सिलसिले में उसके खिलाफ वर्ष 2010 में मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस की गिरफ्त से फरार होने पर उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने राज्य के सभी इनामी अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया हुआ है। इसी कड़ी में एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर की अगुवाई में एसटीएफ की एक टीम ने बिहार के सिवान जिले से अक्षेश्वर तिवारी को गिरफ्तार किया। तिवारी पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था और अक्सर अपनी लोकेशन और मोबाइल नंबर बदलता रहता था ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सके। लेकिन एसटीएफ की सतर्कता और मजबूत रणनीति के कारण उसकी बिहार में मौजूदगी का पता लगाया गया और टीम को उसके गिरफ्तारी के लिए भेजा गया।

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में सीओ एसटीएफ आरबी चमोला के दिशा-निर्देशन में इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने अपनी टीम के साथ 25 सितंबर 2024 को तिवारी को सिवान जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, तिवारी को ट्रांजिट रिमांड के तहत उत्तराखंड लाया गया और रुद्रपुर कोतवाली में दाखिल किया गया।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि अपराधी अक्षेश्वर तिवारी पिछले कुछ महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस टीमों को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। जब उसकी आखिरी लोकेशन सिवान जिले में मिली, तो एसटीएफ ने तुरंत एक टीम को बिहार भेजा, जिसने अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया।

अक्षेश्वर तिवारी एक पेशेवर और शातिर ठग है, जिसने 2010 में रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की थी। उसके खिलाफ रुद्रपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी (क्राइम ब्रांच) द्वारा की गई और न्यायालय ने तिवारी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

तिवारी की गिरफ्तारी के लिए जब पुलिस ने कई प्रयास किए लेकिन वह हर बार फरार हो गया, तो 2 फरवरी 2023 को उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। इस बीच, तिवारी बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में छिपता रहा, लेकिन एसटीएफ की सूझबूझ से आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने इस गिरफ्तारी पर कहा कि उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा पिछले कई दिनों से अक्षेश्वर तिवारी की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि वह बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन एसटीएफ की टीम ने उसकी हर गतिविधि पर नज़र रखी और सही वक्त पर उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरी कार्यवाही में मु0आरक्षी रियाज अख्तर की विशेष भूमिका रही, जिनके सहयोग से यह सफल ऑपरेशन पूरा हुआ। उत्तराखंड एसटीएफ का अभियान इनामी अपराधियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा और राज्य में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

इस प्रकार, उत्तराखंड एसटीएफ ने अपने सटीक अभियान के जरिए एक शातिर अपराधी को पकड़कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। इससे राज्य में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती और कार्रवाई की प्रतिबद्धता का प्रमाण मिलता है।

देवभूमि खबर

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