यहां पॉजिटिव वाइब्स, खेलों के लिए अच्छा माहौल– स्वप्निल और दीपिका ने की उत्तराखंड की तारीफ

यहां पॉजिटिव वाइब्स, खेलों के लिए अच्छा माहौल– स्वप्निल और दीपिका ने की उत्तराखंड की तारीफ
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दीपिका ने कहा – खेलों के लिए अब अच्छा काम हो रहा**

देहरादून। पेरिस ओलंपिक में शूटिंग में कांस्य पदक जीतने वाले स्वप्निल कुसाले ने राष्ट्रीय खेलों में भी यही पदक हासिल किया। उत्तराखंड में खेलों के माहौल पर उन्होंने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि “यहां पॉजिटिव वाइब्स हैं।” वहीं, भारत की शीर्ष तीरंदाज दीपिका कुमारी ने भी उत्तराखंड आकर अच्छा महसूस करने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेलों के लिए अब बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर स्थित त्रिशूल शूटिंग रेंज ने स्वप्निल कुसाले को खासा प्रभावित किया। उन्होंने स्टार शूटर सरबजोत की तरह ही रेंज की प्रशंसा करते हुए कहा, “शूटिंग रेंज का मैनेजमेंट बहुत अच्छा है। लाइटिंग और ग्रीनरी शानदार है। स्कोरिंग भी बेहतर हो रही है।”

एक सवाल के जवाब में स्वप्निल ने कहा, “अब शूटिंग सिर्फ अमीरों का खेल नहीं रह गया है। खेलो इंडिया जैसे आयोजनों के बाद हर तबके का योग्य बच्चा आगे आ सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक के बाद राष्ट्रीय खेलों में उतरने में उन्हें कोई हिचक नहीं हुई। उनके अनुसार, “खेल हर स्थिति में खेल होता है और हार-जीत इसका हिस्सा है। हार से हमेशा कुछ सीखने को मिलता है। सरबजोत भी यहां से सीखकर गया होगा।” स्वप्निल इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भारत की शीर्ष तीरंदाजों में शामिल दीपिका कुमारी राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में अभ्यास के दौरान उतनी ही ऊर्जावान दिखीं, जितना कोई नया खिलाड़ी होता है। उन्होंने कहा, “सफलता के लिए समर्पण और अनुशासन दो सबसे जरूरी मूलमंत्र हैं।”

दीपिका ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया, “जब मैंने खेलना शुरू किया, तब तीरंदाजी को बहुत कम लोग जानते थे। हमें समझाना पड़ता था कि यह वही खेल है, जो महाभारत के योद्धा किया करते थे।”

उन्होंने कहा कि पिछले 12-14 वर्षों में तीरंदाजी की लोकप्रियता बढ़ी है और खेलों के विकास के लिए लगातार काम हो रहा है। दीपिका इस राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में झारखंड की ओर से भाग ले रही हैं।

देवभूमि खबर

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