भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे मंत्री गणेश जोशी को नहीं बचा पाएगी मंत्री परिषद, घसीटेंगे कोर्ट:नेगी
#आय से अधिक संपत्ति मामले में मंत्री परिषद को लेना था निर्णय ।# सरकार ने कर दिया था मामला रफा-दफा ।#लगभग सैंकड़ों करोड की हैं अघोषित संपत्तियां भ्रष्ट मंत्री के पास । #राजभवन/ सरकार/ शासन से की पुन: कार्रवाई की मांग।
विकासनगर।जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मंत्री परिषद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे मंत्री गणेश जोशी को नहीं बचा पाएगी और मोर्चा उन्हें अदालत तक घसीटेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि मंत्री को अभयदान देने के लिए चालाकी से मामला दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन मोर्चा इसे सफल नहीं होने देगा।
नेगी ने बताया कि स्पेशल विजिलेंस जज ने 2 सितंबर 2024 को मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के संबंध में मंत्रिपरिषद और गोपन विभाग को 8 अक्टूबर 2024 तक निर्णय लेने को कहा था। लेकिन 8 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद ने इस मामले को रफा-दफा करने के लिए वादी से शपथ पत्र मांगा। वादी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी दस्तावेज चाहिए, वह न्यायालय से लिए जा सकते हैं, लेकिन सरकार ने कोई दस्तावेज लेने की जहमत नहीं उठाई और यह कहते हुए मामला बंद कर दिया कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
नेगी ने सवाल उठाया कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन था और जांच भी न्यायालय के आदेश पर चल रही थी, तो फिर शपथ पत्र की जरूरत क्यों आन पड़ी? सरकार को यदि जांच में दिलचस्पी होती, तो वह न्यायालय से दस्तावेज प्राप्त करती, लेकिन इसके बजाय पूरे मामले को ही दबाने का प्रयास किया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री, जिनके पास 20-22 साल पहले कोई संपत्ति नहीं थी, आज करोड़ों के साम्राज्य के मालिक बन चुके हैं।
नेगी ने कहा कि सरकार को भ्रष्ट मंत्री को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने सरकार, राजभवन और शासन से मामले की पुनः जांच कराने की मांग की है। मोर्चा ने साफ कर दिया है कि यदि शीघ्र ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्री को न्यायालय में घसीटा जाएगा।

