उत्तराखंड पशुधन विकास परिषद को सिल्वर स्कॉच पुरस्कार से किया सम्मानित
देहरादून। स्कॉच समूह द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित 100वें स्कॉच सम्मेलन में उत्तराखंड पशुधन विकास परिषद, पशुपालन विभाग उत्तराखंड की “लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन द्वारा स्वदेशी नस्ल के पशुधन संरक्षण” परियोजना को सिल्वर स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह परियोजना वर्ष 2018 में भारत में राज्य स्तर पर सर्वप्रथम उत्तराखंड में स्थापित की गई थी। इसके प्रभाव से नर पशुओं की संख्या में कमी आ रही है, जबकि लिंग वर्गीकृत वीर्य के उपयोग से 90% बछिया जन्म ले रही हैं। इससे स्वदेशी नस्लों के संरक्षण में मदद मिलेगी, कृषकों की आय में वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
पुरस्कार को उत्तराखंड पशुधन विकास परिषद प्रशिक्षण केंद्र, पशुलोक ऋषिकेश के संयुक्त निदेशक डॉ. घनश्याम दत्त जोशी ने प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर सचिव पशुपालन डॉ. पुरुषोत्तम, निदेशक डॉ. नीरज सिंघल, अपर निदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह जंगपांगी और सीईओ डॉ. राकेश नेगी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. जोशी को बधाई दी।

