भारतीय ग्रंथों में आदर्श नेतृत्व की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध : प्रोफेसर पुरोहित

भारतीय ग्रंथों में आदर्श नेतृत्व की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध : प्रोफेसर पुरोहित
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देहरादून, शिवालिक कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित ‘लीडरशिप एंड इंडियन एपिक’ विषय पर कार्यशाला में नेतृत्व के विभिन्न घटकों पर चर्चा करते हुए देहरादून मैनेजमेंट एसोसिएशन (डीएमए) के अध्यक्ष प्रो एच सी पुरोहित ने कहा कि नेतृत्व कर्ता के लिए आवश्यक है कि वह संस्थान में ऐसे वातावरण का निर्माण करें जहां हर एक कर्मी स्वयं को सशक्त एवं सुरक्षित महसूस करें ताकि वह शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूरी तरह कार्य निष्पादन पर केंद्रित रह सके।

प्रो पुरोहित के नेतृत्व के विभिन्न आयाम पर चर्चा करते हुए कहा कि आज का दौर ‘सर्वेंट लीडरशिप’ का है और यह तभी संभव है जब नेतृत्व कर्ता आध्यात्मिक लब्धि से युक्त हो।उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में लोकनीति कई बार लोकमत और जनमत से अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, इसलिए जरूरी नहीं है कि हमारा निर्णय लोकमत के अनुसार हो परंतु उसमें लोकनीति का पुट होना आवश्यक है । भारतीय ग्रंथों में त्याग और समर्पण से प्रेरित नेतृत्व के कई उदाहरण एवं प्रसंग उपलब्ध है जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर आइएसटीडी देहरादून चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश चंद्र जोशी ने कहा की अच्छा नेतृत्व न सिर्फ संस्थान के लिए जरूरी है बल्कि समाज, राज्य एवं देश के विकास के लिए भी आवश्यक है l प्रो जोशी ने रामायण एवं महाभारत के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए आदर्श नेतृत्व के कई उदाहरण साझा किये साथ ही आइएसटीडी के द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए आइएसटीडी देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष श्री अनूप कुमार ने कहा कि भारतीय ग्रंथों में कुशल नेतृत्व के कई प्रसंग एवं उदाहरण उपलब्ध है आवश्यकता है कि हम उनका अध्ययन करें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा कॉरपोरेट जगत के साथ-साथ शासन प्रशासन के संचालन में उसके अनुरूप नैतिक नेतृत्व को प्रदर्शित करें, क्योंकि नेतृत्व के माध्यम से ही समाज में या संस्थान में परिवर्तन लाया जा सकता है इसलिये आवश्यकता है कि नेतृत्व की दृष्टि विस्तृत एवं व्यापक हो।उन्होंने टाटा ग्रुप सहित कई औद्योगिक घरानों के नेतृत्व पर विस्तार से चर्चा की।


कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रहलाद सिंह ने कहा कि संस्थान की कोशिश है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्यशालाएं एवं कार्यक्रम आयोजित किये जाए और संस्थान विद्यार्थियों को उत्कृष्ट अध्यापन हेतु हर प्रकार से सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है l
इस अवसर पर शिवालिक कॉलेज आफ इंजीनियरिंग तथा आइएसटीडी देहरादून चैप्टर व डीएमए के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु पारस्परिक समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए गए ।प्रबंधन विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रो (डॉ) बृजेश कुमार ने धन्यवाद व्यापित किया।

इस अवसर पर डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो आर के महलवार सहित कई शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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