वन भूमि हस्तांतरण, क्षतिपूर्ति से लेकर पुनर्वास तक – डीएम के त्वरित निर्णय से खुला समाधान का रास्ता
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शुक्रवार को मानसून के दौरान संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए विकासनगर से चकराता तक सड़कों की स्थिति और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कालसी-चकराता मोटर मार्ग स्थित जजरेट स्लाइड जोन का भी दौरा किया, जहां लगभग 180 मीटर क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन का मलबा सड़क पर आ रहा है, जिससे बार-बार मार्ग अवरुद्ध हो रहा है। इस संबंध में डीएम ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए मौके पर ही वन भूमि अधिग्रहण की अनुमति प्रदान की तथा लोनिवि को जजरेट स्लाइड जोन पर स्लोप प्रोटेक्शन कार्य शीघ्र शुरू करने और डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पंचायत चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए स्लाइड जोन के दोनों ओर अतिरिक्त वाहनों की तैनाती रखने तथा मैनपावर और मशीनरी तैनात कर मलबे का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा। इसी दौरान डीएम ने साहिया क्षेत्र के पास सड़क का पुस्ता क्षतिग्रस्त होने के चलते विद्युत पोल को हुए खतरे को देखते हुए शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने और उसका आंगणन तैयार करने के निर्देश लोनिवि को दिए।
डामटा–पानुआ मोटर मार्ग पर पाटा–बमराड़ गांव के पास हो रहे भूस्खलन से गांव के कुछ मकानों को खतरा उत्पन्न होने पर जिलाधिकारी ने लोनिवि को निर्देशित किया कि जियोलॉजिकल सर्वे कराया जाए और टीएचडीसी से डिजाइन तैयार कराई जाए, जिसे शासन को अनुमोदन हेतु भेजा जा सके। साथ ही कालसी-साहिया मार्ग स्थित ध्वेरा बैंग पर बनी खतरनाक हैगिंग रॉक को हटाने के लिए भी योजना तैयार करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाटा गांव का भी दौरा किया, जहां भू-धसाव की स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्होंने उसका ट्रीटमेंट कराने और संभावित पुनर्वास योजना के लिए बी-प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इस क्षेत्र में तत्काल राहत हेतु 10 लाख रुपये की स्वीकृति भी आपदा मद से प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने चकराता स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, प्रसूति कक्ष, आपातकालीन कक्ष, शल्य कक्ष, औषधि भंडार और एक्स-रे कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल में बिजली की समस्या पर डीएम ने विभागीय इंजीनियर को निर्देश दिए कि रिपेयरिंग प्रस्ताव जिला योजना में सम्मिलित किया जाए। साथ ही आरवीजी एक्सरे मशीन की मरम्मत, प्रसूति कक्ष में फोकस एलईडी लाइट, ओपीडी व पंजीकरण काउंटर को प्रीफेबरीकेटेड बनाकर स्थान विस्तार के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने डीएम से सीएचसी को चकराता से शिफ्ट न करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए जो भी निर्णय होगा, वह बेहतर ही होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सीएचसी के नाम दर्ज भूमि का सीमांकन कर भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा।
जनता मिलन कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने डाकरा में सीएचसी हेतु चयनित भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि उस भूमि का भूगर्भीय सर्वेक्षण और मृदा परीक्षण शीघ्र कराया जाए।
इस निरीक्षण दौरे में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेम लाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

