उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट, 21 व 22 जुलाई को सतर्कता बरतने के निर्देश

Spread the love

देहरादून।राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के तहत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अलर्ट 21 और 22 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जारी किया गया है।

दिनांक 21 जुलाई 2025 को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और रुद्रप्रयाग जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही इन क्षेत्रों में गरज और बिजली चमकने के साथ तेज व अति तीव्र झोंकेदार हवाएं (40–50 किमी प्रति घंटा) चलने की चेतावनी भी दी गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

इसी दिन यानी 21 जुलाई को ही जनपद पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं (30–40 किमी प्रति घंटा) की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं दिनांक 22 जुलाई 2025 को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा, गरज और बिजली चमकने के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य आपदा नियंत्रण केंद्र द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जनपद स्तर पर सतर्कता बनाते हुए आपातकालीन तैयारियां सुनिश्चित करें। इसके तहत संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा जाए, आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जाए, और मोटर मार्गों को चालू रखने हेतु PWD, BRO, CPWD जैसी एजेंसियों को सक्रिय रखा जाए।

पुलिस चौकियों और थानों को वायरलेस सेट समेत आपदा संबंधी उपकरणों के साथ हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। सभी अधिकारियों और कर्मियों को मोबाइल और वायरलेस ऑन रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित संपर्क स्थापित किया जा सके।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खाद्य व मेडिकल आपूर्ति की व्यवस्था भी करने को कहा गया है। पर्यटकों को खराब मौसम में उच्च हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा से रोकने की सिफारिश की गई है।

जनपद सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि चेतावनी एवं जानकारी को दूरदर्शन और प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जाए और उन्हें सावधानी बरतने को कहा जाए।

भूस्खलन संभावित संवेदनशील मार्गों पर पहले से ही आवश्यक उपकरण और संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

देवभूमि खबर

Related articles