आपदा की मार में भाजपा की बेरुख़ी: कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी का आरोप
देहरादून। उत्तराखंड में आई भीषण आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, लेकिन कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर आपदा प्रबंधन में विफल रहने और पीड़ितों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
दसौनी का कहना है कि उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे सबसे प्रभावित ज़िलों में, आपदा को 6 दिन से ज़्यादा समय बीत जाने के बावजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट अब तक नहीं पहुँचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य मंत्रिमंडल के अधिकांश मंत्री भी राहत कार्यों से नदारद हैं और मुख्यमंत्री अकेले मोर्चा संभालने का दावा कर रहे हैं, जबकि सरकार के भीतर समन्वय और ज़िम्मेदारी का अभाव साफ़ दिख रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता, जो चुनावों में “गंगा मैया” और “केदार बाबा” के नाम पर दिल्ली से उत्तराखंड तक दौड़े चले आते हैं, वे इस विकट परिस्थिति में पीड़ितों का हाल जानने तक नहीं पहुँचे।
दसौनी ने आपदा पीड़ितों के लिए घोषित सहायता राशि को “क्रूर मज़ाक” करार दिया और कहा कि इतनी मामूली मदद से न तो पीड़ितों के जख्म भर सकते हैं और न ही उनका घर-परिवार पुनर्निर्मित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि धामी सरकार तुरंत स्थायी और ठोस राहत-पुनर्वास योजना लागू करे।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, उत्तरकाशी के जिला अध्यक्ष, प्रताप नगर विधायक और कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद हैं, लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष न तो मौके पर पहुँचे और न ही पीड़ितों की कोई सुध ली।
दसौनी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री कहते हैं कि “सियासत करने का बहुत वक्त मिलेगा, इस समय सबको एकजुट होना चाहिए” तो शायद उन्हें यह संदेश अपने ही प्रदेश अध्यक्ष को देना चाहिए, जो इस वक्त पार्टी ज्वाइनिंग कार्यक्रम और पंचायत चुनाव की राजनीति में व्यस्त हैं।

