बैंक ऋण, अवैध कब्जे, भरण-पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर डीएम आशीष चौहान का सख्त रुख, अधिकारियों को जवाबदेही के निर्देश

बैंक ऋण, अवैध कब्जे, भरण-पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर डीएम आशीष चौहान का सख्त रुख, अधिकारियों को जवाबदेही के निर्देश
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देहरादूनन। जन समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 जन शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर मामलों को लंबित न रखा जाए।
समाधान दिवस में भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक सहायता, विधिक सहायता और पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बाल स्वास्थ्य को लेकर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग को शहर के आंतरिक मार्गों के ब्लैकटॉप कार्य, 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य तथा निचले क्षेत्रों में नदियों के चैनलाइजेशन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग स्थलों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित पेंशन, एसीपी प्रकरणों, कार्यालयों की स्वच्छता और निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी में तेजी लाने को कहा।

समाधान दिवस में व्यक्तिगत शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा मकान एवं नगर निगम भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह की शिकायत पर, जिसमें पुत्र द्वारा संपत्ति अपने नाम करवाने के बाद भरण-पोषण से इंकार करने का मामला सामने आया, एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मकान ऋण की अदायगी न कर पाने पर बैंक द्वारा नीलामी नोटिस जारी करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बैंकिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एडीएम और लीड बैंक अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक ऋण चुकाने में सक्षम नहीं था तो ऋण स्वीकृत किस आधार पर किया गया।

इसके अलावा जल निकासी, पेयजल योजनाओं, पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय, खेल मैदान की सुरक्षा तथा महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में  अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एडीएम (प्रशा)स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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