धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा — आरोपी का आतंकी संगठन HUT से कनेक्शन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त धर्मांतरण कानून का असर अब बड़े स्तर पर दिखने लगा है। देहरादून में दर्ज दो अलग-अलग धर्मांतरण मामलों की जांच में पुलिस ने न केवल संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया, बल्कि एक आरोपी का कनेक्शन प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) से भी उजागर किया है।
एसएसपी देहरादून के आदेश पर गठित एसआईटी ने पीड़िताओं और गवाहों के विस्तृत बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और फोटो पहचान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इस दौरान यह सामने आया कि झारखंड निवासी आरोपी अयान जावेद, जो वर्तमान में रांची सेंट्रल जेल में निरुद्ध है, न केवल HUT का सक्रिय सदस्य है, बल्कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी संलिप्त रहा है। झारखंड ATS ने उसे अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था और उस पर UAPA, आयुध अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
आगरा कनेक्शन और वांरट बी जांच में पता चला कि धर्मांतरण के इस नेटवर्क से जुड़े 6 अन्य आरोपी आगरा पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अदालत से इन सभी के खिलाफ वांरट बी जारी कराए गए हैं। इसके अलावा, एक अन्य आरोपी सुलेमान के दुबई में होने की जानकारी मिली है, जिसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने के लिए गृह मंत्रालय से पत्राचार किया गया है।
पीड़िताओं को बचाया आतंकी जाल से पुलिस की समय रहते की गई काउंसलिंग से न केवल दो पीड़िताओं को, बल्कि कई अन्य युवतियों को भी धर्मांतरण और आतंकी जाल में फंसने से बचा लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से युवाओं को गुमराह कर धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाता था।
देहरादून पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई राज्य के धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत अब तक की सबसे बड़ी सफलता है और आगे भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

