पीआरडी जवानों ने बैठक में जताया आक्रोश, 11 सूत्रीय मांगपत्र मंत्री को प्रेषित किया
देहरादून। उत्तराखण्ड प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों ने एक बैठक आहूत की जिसमें अपनी समस्याओं की लगातार अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को पत्र प्रेषित कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में कहा गया कि विगत 25 वर्षों से पीआरडी जवान अपनी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें वे सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पा रही हैं जिनके वे हकदार हैं। जवानों ने मांग की कि उनकी समस्याओं पर शीघ्र निर्णय लेकर शासनादेश जारी किए जाएं ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में पीआरडी और होमगार्ड्स का मानदेय समान था और समय-समय पर दोनों को बराबर बढ़ोतरी मिलती थी, लेकिन वर्तमान में होमगार्ड्स को पीआरडी जवानों की तुलना में अधिक लाभ मिल रहे हैं जबकि दोनों का कार्य एक समान है।
बैठक के दौरान पीआरडी जवानों ने मंत्री को 11 सूत्रीय मांगपत्र प्रेषित किया जिसमें प्रमुख रूप से पीआरडी स्वयंसेवक के स्थान पर “पीआरडी कर्मी” शब्द का प्रयोग, समान कार्य का समान वेतन और 365 दिन का नियमित रोजगार, वर्दीधारी प्रशिक्षण प्राप्त जवानों को टीए/डीए, एएल, सीएल और ईएसआई का लाभ, कल्याण कोष से मेडिकल उपचार एवं मृत्यु पर आर्थिक सहायता, ईपीएफ का लाभ, मानदेय के स्थान पर मासिक वेतन, ड्यूटी और प्रमोशन का वर्गीकरण, 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितकरण, पीआरडी के लिए पृथक प्रकोष्ठ का गठन, वर्दी उपलब्ध कराना, होमगार्ड्स की भांति सभी सुविधाएं लागू करना, पीआरडी को गृह विभाग से जोड़ना तथा राष्ट्रीय पर्वों पर बोनस की सुविधा शामिल हैं।
इस अवसर पर प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल, जिला अध्यक्ष देहरादून गम्भीर सिंह रावत, सोनू कुमार, सगीता आहुजा, सुधीर, सावेत्री, मुकेश चौहान, किशन दत्त, उदय सिंह, रंजना चौहान, गीता देवी, भीम सिंह समेत बड़ी संख्या में पीआरडी महिला एवं पुरुष जवान मौजूद रहे।

