आशा कार्यकर्ती व फैसिलिटेटर संगठन ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रुद्रप्रयाग। जिले की आशा कार्यकर्ती संगठन और आशा फैसिलिटेटर संगठन ने अपनी छह सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर जिला अधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सुशीला सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत आशा कार्यकर्तियों को इतने न्यूनतम मानदेय में अपने परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से हम अपनी समस्याओं को तत्कालीन और वर्तमान सरकारों के सामने ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों के माध्यम से रखते आ रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है, वास्तविक मानदेय वृद्धि अब तक नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख छह मांगों में आशा फैसिलिटेटरों को 25 दिन की मोबिलिटी के स्थान पर 30 दिन की स्थायी ड्यूटी देने, आशा एवं फैसिलिटेटरों को राज्य सरकारी कर्मचारी घोषित करने, साल में सर्दी और गर्मी के लिए अलग-अलग वर्दी प्रदान करने, पल्स पोलियो ड्यूटी में 100 रुपये की जगह 600 रुपये मानदेय तय करने, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या निधन की स्थिति में 10 लाख रुपये की बीमा योजना लागू करने और सेवानिवृत्ति के समय पेंशन सुविधा शुरू करने की मांग शामिल है।
ज्ञापन सौंपते समय सुशीला सेमवाल के साथ कमला राणा, गीता रावत, बिमला, रीना, गीता, सरिता, दुर्गा, संगीता, रंजना आदि उपस्थित रहीं।

