उत्तरी राज्यों की पुलिस में नई ऊर्जा – साझा रणनीति से सशक्त होगा सुरक्षा तंत्र: दीपम सेठ
देहरादून ।उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय में आयोजित Northern Region Police Coordination Committee (NRPCC) की 12वीं बैठक में उत्तरी भारत के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस ने साझा रणनीति बनाते हुए ड्रग्स, साइबर अपराध, आपदा प्रबंधन और सीमा सुरक्षा पर मिलकर काम करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता डीजीपी श्री दीपम सेठ ने की।
आज पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय, देहरादून स्थित सभागार में उत्तरी क्षेत्र पुलिस समन्वय समिति (Northern Region Police Coordination Committee – NRPCC) की 12वीं बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक का उद्देश्य उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर सहयोग बढ़ाना, नई चुनौतियों का मिलकर समाधान खोजना, और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समन्वय को मजबूत करना था।
डीजीपी श्री दीपम सेठ ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि NRPCC की स्थापना वर्ष 2015 में डीजी/आईजी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री जी के vision के अनुरूप की गई थी। समिति में हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, चंडीगढ़ और दिल्ली के पुलिस प्रमुख शामिल हैं। पिछली बैठक अक्टूबर 2024 में शिमला, हिमाचल प्रदेश में हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की बैठक की मेजबानी का अवसर उत्तराखण्ड पुलिस को प्राप्त हुआ है, जो हमारे लिए गर्व की बात है।
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, डिजिटल माध्यमों से फैल रही कट्टरपंथी विचारधाराएँ, रेलवे सुरक्षा, भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन पुलिस की भूमिका, तथा आपदा प्रबंधन में पुलिस बलों की तत्परता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उत्तरी भारत में हाल ही में हुई भारी वर्षा, बादल फटने और फ्लैश फ्लड्स जैसी प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए पुलिस बलों की आपदा प्रबंधन क्षमता और संसाधनों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में रेलवे सुरक्षा विशेषकर महाकुंभ मेला–2027 को ध्यान में रखते हुए रेलवे अवसंरचना की सुरक्षा पर विमर्श किया गया।
डीजीपी श्री दीपम सेठ ने कहा कि “इस बैठक से प्राप्त सुझाव अत्यंत व्यावहारिक और उपयोगी सिद्ध होंगे, जो उत्तरी क्षेत्र में बेहतर समन्वय और मजबूत सुरक्षा ढाँचे की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेंगे।”
बैठक में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया। प्रमुख प्रस्तुतिकरण इस प्रकार रहे —
▪️ श्री शत्रुजीत कपूर, डीजीपी हरियाणा – Cyber Crime: Latest Strategies & Trends ▪️ श्री प्रकाश डी, महानिदेशक, रेलवेज उत्तर प्रदेश – Securing Railway Infrastructure: Concerns & Challenges ▪️ श्री देवेश श्रीवास्तव, विशेष आयुक्त, दिल्ली पुलिस – Social Media Disinformation: Mitigating Impact on Law & Order ▪️ श्री एस.डी. सिंह जम्वाल, डीजीपी लद्दाख – Tourist Police: Helping Visitors for a True Ladakh Experience ▪️ श्री सागर प्रीत, डीजीपी चंडीगढ़ – Implementation of New Criminal Laws: Best Practices & Success Stories ▪️ श्री नीलाभ किशोर, एडीजी पंजाब – Drugs of Concern: Future Strategies for Effective Enforcement ▪️ श्री नावेद, एसएसपी स्पेशल ब्रान्च, जम्मू-कश्मीर – Weaponising Narratives ▪️ श्री अर्जित सेन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक SDRF, हिमाचल प्रदेश – Extreme Weather Events: Enhancing Disaster Preparedness & Response ▪️ श्री मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा, उत्तराखण्ड – Managing the Indo-Nepal Border: Security Concerns and Challenges
इन प्रस्तुतिकरणों के माध्यम से नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन, रेलवे सुरक्षा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और दुष्प्रचार से निपटने की रणनीतियाँ, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध की रोकथाम, भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन, तथा पर्यटक पुलिस की भूमिका को प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा की गई।
उत्तराखण्ड की ओर से श्री मंजूनाथ टी.सी. ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सीमा क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों, मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार, सीमा पार अपराध, आदि चुनौतियों पर प्रकाश डाला। साथ ही, तकनीकी निगरानी, जनसहभागिता और सूचना-साझाकरण को बढ़ाने पर बल दिया।
बैठक के समापन सत्र में अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा, श्री ए.पी. अंशुमान ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “इस प्रकार के मंच न केवल अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग को सशक्त करते हैं, बल्कि राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
इस अवसर पर श्री वी. गुरूगेशन, एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था, सहित प्रदेश के सभी पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
