जनपदों से तलब की निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की रिपोर्ट,विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा महानिदेशक को दिये निर्देश

जनपदों से तलब की निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की रिपोर्ट,विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा महानिदेशक को दिये निर्देश
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देहरादून। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को अपने शासकीय आवास पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी जनपदों से निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र के लिये निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों एवं अन्य पठन सामग्री के क्रय हेतु टेंडर प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने को कहा, ताकि नए सत्र की शुरुआत में ही सभी विद्यालयों में पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें।

डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, अभ्यास पुस्तिका, गणवेश, स्कूल बैग व अन्य पठन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। गणवेश और बैग के लिये धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजी जाती है, जबकि पुस्तकें विभाग द्वारा सीधे स्कूलों तक पहुंचाई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ अभिभावकों ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों के कई विद्यालयों में अब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए मंत्री ने शिक्षा महानिदेशक को सभी जनपदों से रिपोर्ट तलब कर एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत छात्रों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर उन्हें भ्रमण पर भेजा जाए। वहीं, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण कार्य में देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि सभी जनपदों को आपदा मोचन निधि से धनराशि जारी की जा चुकी है, फिर भी कई स्थानों पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं। उन्होंने महानिदेशक को निर्माण कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा करने और गति लाने के निर्देश दिये।

साथ ही आउटसोर्स के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिये गये।

बैठक में डॉ. रावत ने प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 2100 प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें से 451 पदों पर उच्च न्यायालय की रोक है। शेष पदों पर भर्ती हेतु विभागीय अधिकारियों को शीघ्र विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

साथ ही सुगम जनपदों के रिक्त पदों के सापेक्ष लम्बे समय से दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों का समायोजन कर नई नियुक्तियों को दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती देने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।

बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह, अपर सचिव एम.एम. सेमवाल, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी विरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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