31 अक्टूबर से पूर्व जनपद की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करना हर हाल में सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी आशीष भटगांई
पिथौरागढ़ ।जनपद की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि 31 अक्टूबर 2025 तक पूरे जनपद की सभी प्रमुख सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें जनसुविधा की रीढ़ हैं और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्री भटगांई ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि सड़क मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि मरम्मत कार्यों में मानक सामग्री एवं आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को विशेष रूप से निर्देश दिए गए कि शहर के प्रवेश द्वार एचोली की मरम्मत कार्य 31 अक्टूबर तक पूर्ण कर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए उनके वेतन रोके जाने के निर्देश दिए और कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से काम नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पिथौरागढ़, अस्कोट, डीडीहाट, धारचूला एवं बेरीनाग क्षेत्रों की सड़क स्थिति की विभागवार समीक्षा की। साथ ही ग्रिफ के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 02 नवंबर को गूंजी में आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन से पूर्व गूंजी–नपलचूयो सड़क मार्ग की मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी समीक्षा बैठक में सभी सड़कों के मरम्मत कार्यों के उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ्स प्रस्तुत किए जाएं, जिससे प्रगति का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अब तक की गई कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा अधिकारियों से प्राप्त किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निरंजन प्रसाद, ग्रिफ, लोनिवि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
