परिसंपत्तियों के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, समय की बचत होगी और विवाद थमेंगे: मुख्य सचिव

परिसंपत्तियों के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, समय की बचत होगी और विवाद थमेंगे: मुख्य सचिव
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देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन की अध्यक्षता में परिसंपत्तियों, विशेषकर भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रारंभ करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित टाइमलाइन के भीतर वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रणाली के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि के क्रय-विक्रय की वर्चुअल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था से राज्य में पारदर्शिता आएगी, विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच एक समान रिकॉर्ड साझा होगा और इससे भूमि लेन-देन से जुड़े विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि विकसित किए जा रहे एप्लीकेशन या पोर्टल में इस प्रकार की व्यवस्था की जाए जिससे भूमि के क्रय-विक्रय से संबंधित सभी दस्तावेज विभिन्न हितधारकों, विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच ऑटो मोड और पेपरलेस प्रक्रिया में तेजी से साझा हो सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि इस डिजिटल प्रक्रिया से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि अनावश्यक देरी और भौतिक हस्तक्षेप समाप्त होंगे।

बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन हेतु आवश्यक एप्लीकेशन तैयार की जा चुकी है, और मुख्य सचिव के मार्गदर्शन के अनुसार कुछ तकनीकी संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित टेंडरिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

बताया गया कि इस एप्लीकेशन या पोर्टल में भूमि के रजिस्ट्रेशन के लिए तीन विकल्प उपलब्ध रहेंगे — पहला विकल्प, भौतिक रूप से दस्तावेज सहित रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होकर रजिस्ट्रेशन करना; दूसरा विकल्प, कार्यालय में बिना दस्तावेज़ (पेपरलेस) उपस्थित होकर रजिस्ट्रेशन कराना; और तीसरा विकल्प, बिना किसी मध्यस्थ के वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करना।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस परियोजना को आगामी 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी, जिससे जनता को पारदर्शी, तेज और सरल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, अपर सचिव श्रीमती सोनीका और श्री आलोक कुमार पांडेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधक श्री अतुल शर्मा, उपसचिव श्री सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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