चारधाम यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड: श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट छह माह के लिए शीतकाल में बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद इस वर्ष चारधाम यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस बार 51 लाख 04 हजार 975 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष से 4 लाख 35 हजार 901 अधिक है।
हमारी संवाददाता अंजु कंडारी ने बताया कि इस वर्ष 30 अप्रैल 2025 को श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद 2 मई को श्री केदारनाथ धाम और 4 मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए थे।
केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूर्व में ही बंद हो चुके थे। आज श्री बदरीनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए।
प्रदेश सरकार के कुशल एवं बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली। बीते वर्ष 46 लाख 69 हजार 074 तीर्थयात्री पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या 51 लाख से अधिक रही।
केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में 7 लाख 57 हजार 010 और यमुनोत्री में 6 लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
हेमकुंट साहिब में इस वर्ष पहली बार 2 लाख 74 हजार 441 श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह संख्या अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। वर्ष 2023 में 1,64,546 और वर्ष 2024 में 1,85,972 श्रद्धालु पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत रही। मानसून सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही।
हालांकि प्राकृतिक आपदाओं के चलते यात्रा कई दिनों तक बाधित रही, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होते ही शीतकालीन यात्रा की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। बद्री विशाल भगवान की पूजा अब पांडुकेश्वर और ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में की जाएगी।
बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में, मां गंगा की पूजा मुखबा में और मां यमुना की पूजा खरसाली में शीतकाल भर की जाएगी।
मुख्यमंत्री वर्षभर पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तरकाशी के मुखबा पहुंचे थे और मां गंगा की पूजा अर्चना की थी।

