खाद्य मंत्री को हो नोटिस जारी, विक्रेताओं को नहीं! नमक घोटाले पर मोर्चा का हमला — “जनता के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़”
विकासनगर। घटिया/मिलावटी नमक प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कल खाद्य मंत्री के इशारे पर राशन विक्रेताओं एवं अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि वास्तविक तौर पर नोटिस खाद्य मंत्री को जारी होना चाहिए था, क्योंकि मिलावटी नमक की खरीद में मिलीभगत और कमीशनखोरी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर उन्हीं पर बनती है।
नेगी ने कहा कि सरकार द्वारा राशन विक्रेताओं को सीलबंद पैक में नमक मुहैया कराया गया था, और उसी को उपभोक्ताओं तक वितरित किया गया। ऐसे में विक्रेताओं को दोषी ठहराना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विक्रेताओं ने नमक घर पर नहीं बनाया तो उन्हें नोटिस क्यों? असली गलती तो उस स्तर पर हुई जहां नमक खरीदा गया और सप्लाई कराया गया।
मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि कई माह पूर्व मोर्चा ने सरकार और विशेष रूप से खाद्य मंत्री को घटिया एवं अघुलनशील नमक के मामले में चेताया था कि कमीशनखोरी के चक्कर में जनता की जान से खिलवाड़ न करें। नमक सप्लाई करने वाली कंपनी — गंधार फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात* को नोटिस जारी तो कर दिया गया है, लेकिन खाद्य मंत्री को नोटिस कब जारी होगा? यह बड़ा प्रश्न है।
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि खाद्य मंत्री की मिलीभगत/कमीशनखोरी के मामले में संज्ञान लिया जाए और राशन विक्रेताओं पर लगाई गई नोटिस की कार्रवाई तत्काल वापस की जाए।
पत्रकार वार्ता में मोहम्मद असद एवं प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।

