मुख्यमंत्री धामी से डीआरएम मुरादाबाद की शिष्टाचार भेंट, उत्तराखंड में रेल अवसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विस्तृत चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में डीआरएम, मुरादाबाद श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पूर्ण हो चुकी एवं प्रगतिरत रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
भेंट के दौरान डीआरएम श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रुड़की–देवबंद नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किमी) का कमीशनिंग हो चुका है, जिसके अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य पूरे किए गए हैं। लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किमी प्रति घंटा तक उन्नत किया जा चुका है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किमी प्रति घंटा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 130 किमी प्रति घंटा गति लक्ष्य हेतु डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किमी प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है।
डीआरएम ने बताया कि राज्य में लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा बढ़ी है और व्यस्त क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नए स्टेशन भवन, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन व पैदल यात्रियों के अनुकूल डिज़ाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, चौड़े फुट ओवर ब्रिज तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग और पार्किंग क्षेत्र का विकास किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों पर क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन एवं प्रस्थान का पृथक्करण तथा बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था शामिल है। योग नगरी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग नई रेलवे लाइन परियोजना (125.20 किमी) भी निर्माणाधीन है, जिसमें 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं। इस परियोजना की प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत तक पूर्ण किया जा चुका है।
डीआरएम ने बताया कि राज्य में नए माल टर्मिनलों के विकास की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। पत्री (PRI) में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा विकसित की जा रही है तथा पत्री और ज्वालापुर (JWP) स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग हेतु उन्नत किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इकबालपुर आरओबी (जहां पीडब्ल्यूडी के पास अप्रोच भूमि लंबित है), धनौरा आरओबी (रक्षा भूमि से संबंधित प्रकरण लंबित) तथा लक्सर एलएचएस (उच्च जलस्तर के कारण संशोधित एवं दुपहिया वाहनों के अनुकूल एफओबी प्रस्तावित) जैसे मामलों में राज्य और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही करने तथा आगामी अर्द्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

