नतीजों से पहले ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्ष दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर तीसरे मोर्चे की सरकार की कवायद में जुटे हुए हैं।
इन सबके बीच नरेंद्र मोदी को दोबारा से सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर भी केंद्र में सरकार गठन का दांव चल सकती है। हालांकि कांग्रेस की पहली कोशिश विपक्षी दलों के साथ खुद की सरकार बनाने को लेकर है।
आम चुनाव के अंतिम और सातवें चरण की वोटिंग से ऐन पहले कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने बड़े राजनीतिक संकेत दिए हैं। वो पहले कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने कहा कि नतीजे के बाद अगर उनकी पार्टी को प्रधानमंत्री पद की पेशकश नहीं की गई तो कांग्रेस इसे मुद्दा नहीं बनाएगी बल्कि हम किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़ा नहीं बनेंगे।

