हल्द्वानी। बड़ी मंडी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर का पुलिस ने महज 06 घंटे में खुलासा कर दिया है। दिनांक 12 फरवरी 2026 की प्रातः पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि बड़ी मंडी क्षेत्र में एक युवक और एक युवती मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली हल्द्वानी पुलिस, डॉग स्क्वॉड तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। प्रथम दृष्टया मामला पत्थर से सिर कुचलकर हत्या का पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने हत्या के त्वरित अनावरण के लिए विशेष टीम गठित कर आवश्यक निर्देश दिए।
मृतकों की पहचान शुभम टम्टा पुत्र किशोरी लाल टम्टा निवासी तल्ला खोल्टा, अल्मोड़ा तथा लक्ष्मी पोखरिया पुत्री हेम चन्द्र पोखरिया निवासी ग्राम मल्ली पोखरी, ओखलकांडा, नैनीताल के रूप में हुई। मृतका के परिजन सुरेश चन्द्र पोखरिया की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 52/2026 धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र एवं पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस एवं सुरागरसी के आधार पर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सभी साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान आरोपियों द्वारा लक्ष्मी के साथ छेड़खानी की गई, जिसका शुभम और लक्ष्मी ने विरोध किया। इस पर आपसी झगड़ा हुआ और आरोपियों ने शुभम की हत्या कर दी। घटना को छिपाने के लिए उन्होंने लक्ष्मी की भी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से दोनों के सिर पत्थर से कुचल दिए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर (25 वर्ष), सौरभ भट्ट उर्फ भटिया (20 वर्ष), दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव (20 वर्ष) तथा दीपेश लटवाल उर्फ राज (25 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पत्थर, मोबाइल फोन तथा गौरव और दीपू के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
लमुख्य आरोपी गौरव नेगी एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पूर्व में 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दीपेश लटवाल के खिलाफ थाना मुखानी में 03 अभियोग पंजीकृत हैं।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने खुलासे में शामिल पुलिस टीम को 2500 रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों की समाज में कोई जगह नहीं है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

