मुख्यमंत्री धामी की सख्ती: घोषणाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी की सख्ती: घोषणाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पकालिक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, जबकि दीर्घकालिक योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि बहु-विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा इन योजनाओं की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर सुनिश्चित हो, जिससे अनावश्यक विलंब न हो।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, ताकि जनसमस्याओं की सही जानकारी मिल सके और उनके समाधान में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष तैयारियों के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात से पहले नालों की सफाई, सिल्ट हटाने और जल निकासी से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरा करने को कहा, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से बचा जा सके। साथ ही, ग्रीष्मकाल में संभावित वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए भी सभी आवश्यक तैयारियां और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पेयजल और विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को सजग रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक के दौरान विधायकगणों ने अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, मिनी खेल मैदानों का निर्माण, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा कार्य और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, सरिता आर्य, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत तथा संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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