मालदेवता महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने नवाचार और उद्यमिता पर डाला प्रकाश

मालदेवता महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने नवाचार और उद्यमिता पर डाला प्रकाश
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देहरादून। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता के आईपीआर प्रकोष्ठ द्वारा “बौद्धिक संपदा अधिकार एवं आर्थिक विकास” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य विनोद प्रकाश अग्रवाल ने की।

प्राचार्य प्रो. अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों की सृजन शक्ति और नवाचार को उद्यमिता से जोड़ने में मार्गदर्शक सिद्ध होगी।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन एवं सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज के समन्वयक एच सी पुरोहित ने कहा कि ज्ञान और नवाचार अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के इस दौर में विद्यार्थियों को नवाचार और वैज्ञानिक सोच की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
प्रो. पुरोहित ने डब्ल्यूआईपीओ, विश्व व्यापार संगठन, टीआरआईपीएस, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेत और ट्रेड सीक्रेट जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने थॉमस एडिसन, आइंस्टीन और ग्राहम बेल जैसे वैज्ञानिकों के आविष्कारों का उदाहरण देते हुए कहा कि वैज्ञानिक शोध और उद्यमिता किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज के असिस्टेंट डीन हिमांशु चौहान ने बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े वैश्विक विवादों और कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने रिलायंस जियो, आईफोन, सैमसंग, कैडबरी और नेस्ले जैसे मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का युद्ध जमीन पर नहीं बल्कि विचारों और बौद्धिक क्षमता के स्तर पर लड़ा जा रहा है।

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर अनीता तोमर ने उत्तराखंड के 27 भौगोलिक संकेतों और हिमालयी विरासत के संरक्षण को बौद्धिक संपदा अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि आईपीआर नवाचार को संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह विषय युवाओं को स्वरोजगार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिभा को प्रदर्शित करने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में प्रो. यतीश वशिष्ठ, प्रो. नौटियाल, डॉ. कविता काला, प्रो. एमएस पावर, डॉ. सुमन सिंह गोसाई, डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. अनीता चौहान, डॉ. उमा पनोई, डॉ. विनोद शाह, डॉ. रामचंद्र नेगी, डॉ. लीना रावत, प्रो. ज्योति खरे, डॉ. डीके राठौर, डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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