ऑपरेशन प्रहार के तहत एटीएम बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एटीएम बदलकर लोगों के खातों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और 10,710 रुपये नकद बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, गिरोह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में सक्रिय था तथा विशेष रूप से गांव-देहात की महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाता था।
कोतवाली मंगलौर क्षेत्र निवासी वादिया मुकेश पत्नी रमन निवासी मुण्डलाना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने एटीएम बदलकर उनके खाते से करीब 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामले में मुकदमा दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक भगवान महर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
उपनिरीक्षक नितिन विष्ट के नेतृत्व में गठित टीम ने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई क्षेत्रों में दबिश देते हुए करीब 356 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही एटीएम ठगी के मामलों में पूर्व में गिरफ्तार अपराधियों का सत्यापन भी किया गया।
11 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर थाना बड़गांव, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह एटीएम मशीन खराब होने का झांसा देकर लोगों के कार्ड बदल लेता था और बाद में खातों से पैसे निकाल लेता था।
आरोपियों द्वारा आपसी संपर्क के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह पहचान छिपाने के लिए अपने नाम पर सिम कार्ड भी नहीं लेता था और अधिकांश वारदातें रविवार के दिन अंजाम देता था।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ सहारनपुर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर, उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, कांस्टेबल उत्तम, रणवीर, विनोद तथा सीआईयू रुड़की के कांस्टेबल महिपाल शामिल रहे।

