हाइब्रिड धान बीजों ने बदली किसानों की तस्वीर, 39 प्रतिशत तक बढ़ी आय

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देहरादून। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत देहरादून जनपद के सहसपुर और विकासनगर ब्लॉक में हाइब्रिड धान बीज किसानों के लिए समृद्धि का नया माध्यम बन रहे हैं। कृषि विभाग की पहल से किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक आय का लाभ मिल रहा है, जिससे आधुनिक खेती के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा है।

वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा सहसपुर और विकासनगर की 20 ग्राम पंचायतों के 70 किसानों को 28 कुंतल हाइब्रिड धान बीज वितरित किए गए। योजना के अंतर्गत 70 हेक्टेयर कृषि भूमि को परंपरागत खेती से हाइब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र में परिवर्तित किया गया।
योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पहले किसान एक हेक्टेयर भूमि से औसतन 45 कुंतल धान उत्पादन प्राप्त करते थे, जिससे उनकी आय लगभग 81 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर होती थी। हाइब्रिड बीजों के प्रयोग के बाद धान उत्पादन बढ़कर 62 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गया, जबकि आय बढ़कर लगभग 1.13 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई। इस प्रकार किसानों की आय में करीब 32 हजार रुपये तथा लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ा है और आसपास के अन्य किसान भी हाइब्रिड धान बीज अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा ने बताया कि योजना के बेहतर परिणामों को देखते हुए खरीफ 2025 में हाइब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाकर 186 हेक्टेयर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने बताया कि हाइब्रिड अथवा संकर बीज दो अलग-अलग किस्मों के पौधों के नियंत्रित परागण से विकसित उन्नत बीज होते हैं। ये सामान्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ कीट एवं रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। कम पानी और अनियमित वर्षा की परिस्थितियों में भी ये बेहतर उपज देने में सक्षम हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

देवभूमि खबर

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