अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में बड़ा एक्शन, करोड़ों रुपये के फर्जी लोन मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरफ्तार

देहरादून। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में कथित करोड़ों रुपये के गबन और फर्जी ऋण स्वीकृति मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का फर्जी लोन स्वीकृत कर बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 15 मई 2026 को बैंक के वर्तमान मुख्य शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि बैंक द्वारा कराए गए फोरेंसिक ऑडिट में वर्ष 2013 से 2016 के बीच लेखा अभिलेखों और लेजर प्रविष्टियों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच में पाया गया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह ने बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी प्रविष्टियां कर अपने निजी खातों में धन का लेन-देन किया और बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान सामने आया कि महाबीर सिंह और उसके सहयोगियों ने 20 जेसीबी मशीनों की खरीद के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लगभग 4 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया और उस राशि का गबन कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 जून 2026 को मुख्य आरोपी महाबीर सिंह (74 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रायपुर क्षेत्र के बाबा विहार, तपोवन रोड, नालापानी चौक का निवासी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है और उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विवेचना पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

