उत्तराखंड में SIR अभियान को मिली रफ्तार, 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित; 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची अद्यतन करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 12 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जनपदों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत और टिहरी में 97 प्रतिशत फार्मों का वितरण हो चुका है।
गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ प्रदेश में शीर्ष पर है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत के साथ अग्रणी जिलों में शामिल हैं। दूसरी ओर नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत तथा ऊधमसिंह नगर में लगभग 8 प्रतिशत फार्म ही डिजिटाइज किए जा सके हैं।
डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि सभी जिलों को अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई तक गणना फार्मों का वितरण एवं संकलन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह में बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा और 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक उनके निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अधिकाधिक डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके साथ ही “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के जरिए मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम, पिता या पति के नाम तथा गली-मोहल्ले के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया और अधिक सरल एवं सुविधाजनक हो गई है।

