रिया प्रकरण पर राहुल गांधी की संवेदनशीलता ने छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच दिया: उत्तराखंड कांग्रेस

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून की छात्रा रिया और सीकर के छात्र उमेश की दुखद मृत्यु पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा व्यक्त की गई संवेदना का स्वागत करते हुए कहा है कि यह देश के युवाओं की समस्याओं और उनके भविष्य के प्रति उनकी गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
कांग्रेस के अनुसार, रिया की आत्महत्या की घटना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि उन मानसिक दबावों और असुरक्षाओं का प्रतीक है जिनका सामना आज लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की जटिल और चुनौतीपूर्ण व्यवस्था के बीच कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि छात्रों के सपनों, संघर्षों और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर राहुल गांधी ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर ध्यान आकर्षित किया है।
उत्तराखंड कांग्रेस ने कहा कि किसी भी परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को अवसर प्रदान करना होना चाहिए, न कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में धकेलना जहां वे निराशा और हताशा का शिकार हो जाएं। पार्टी के अनुसार, रिया जैसी प्रतिभाशाली छात्राओं की असमय मृत्यु पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इस दिशा में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों और उनके परिवारों के दर्द को मानवीय दृष्टिकोण से सामने रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवाओं के सपने, उनका भविष्य और उनका मानसिक स्वास्थ्य किसी भी राजनीतिक विमर्श से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस हस्तक्षेप की सराहना करते हुए केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, छात्रों के हितों की रक्षा करने तथा युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है।

