सहकारिता से सशक्त होंगे किसान, युवा और महिलाएं; पौड़ी से ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का शुभारंभ

सहकारिता से सशक्त होंगे किसान, युवा और महिलाएं; पौड़ी से ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का शुभारंभ
Spread the love

पौड़ी/देहरादून भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तराखंड में सहकारिता सप्ताह-2026′ का शुभारंभ हो गया। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह राव ने पौड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि सहकारिता आंदोलन किसानों, युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली है। पैक्स के कंप्यूटरीकरण, विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना और किसानों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने जैसे प्रयासों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों, महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के एक लाख युवाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी समितियों को डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, विपणन सुविधाएं, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रगतिशील किसानों के अध्ययन भ्रमण, किसान सम्मेलन और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने घोषणा की कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी 670 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से एक पेड़ मां के नाम अभियान भी चलाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी एवं रमेंद्री मंद्रवाल ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सहकारिता सप्ताह की शपथ दिलाई।

संयुक्त निबंधक एवं कार्यक्रम के प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारी एम.पी. त्रिपाठी ने बताया कि 6 जुलाई तक प्रदेशभर में सहकारिता जागरूकता अभियान, महिला एवं युवा सहभागिता कार्यक्रम, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्यशालाएं, सहकारी संवाद, डिजिटल सेवा विस्तार तथा सोशल मीडिया आउटरीच सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सहकारिता आंदोलन को और अधिक जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाया जा सके।

देवभूमि खबर

Related articles