विकसित भारत–जी राम जी योजना’ लॉन्च, 125 दिन रोजगार की गारंटी और 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान

नई दिल्ली।आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और केंद्रीय राज्य मंत्रियों की मौजूदगी में ‘विकसित भारत–जी राम जी (VB-G RAM G) योजना’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस योजना को ग्रामीण रोजगार, पंचायत आधारित विकास और पारदर्शी कार्यप्रणाली के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी मजदूर को काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर मजदूरों को ब्याज सहित विलंबित भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के पहले वर्ष में केंद्र सरकार 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी, जबकि राज्यों की हिस्सेदारी जोड़ने पर कुल वार्षिक व्यय करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये होगा। अगले पांच वर्षों में योजना पर 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे देश की 2.86 लाख ग्राम पंचायतों को औसतन प्रति वर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गांव में कौन-सा विकास कार्य होगा, इसका निर्णय ग्राम सभा और ग्राम पंचायत स्वयं करेंगी। आंगनबाड़ी, स्कूल, अस्पताल, सड़क, तालाब, जैक डैम, एफपीओ ढांचा, सिंचाई और प्राकृतिक आपदा सुरक्षा जैसे कार्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। आंध्र प्रदेश में मजदूरी दर 312 से 315 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे ग्राम रोजगार सहायकों और अन्य जमीनी कर्मचारियों को समय पर वेतन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 74,212 नए आवासों की स्वीकृति तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत 146 सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के लिए 422 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी की घोषणा की। साथ ही राज्य को 9 माह की अवधि के लिए 7,707 करोड़ रुपये की विशेष सहायता भी देने की जानकारी दी।
तोतापरी आम उत्पादक किसानों को राहत देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत आम की खरीद करेगी, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। साथ ही वैज्ञानिकों की मदद से बागवानी की नई तकनीकों और बेहतर किस्मों के विकास पर भी कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने योजना को ग्रामीण भारत के लिए परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि डिजिटल मास्टर रोल, आधार आधारित भुगतान, जियो-टैगिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। उन्होंने रायलसीमा क्षेत्र को देश का प्रमुख हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक और निजी निवेश की योजना का भी उल्लेख किया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आंध्र प्रदेश को ग्रामीण विकास के लिए 12,845 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे पंचायत राज व्यवस्था और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने राष्ट्रीय शुभारंभ के लिए आंध्र प्रदेश को चुने जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फार्म पॉन्ड गतिविधि स्थल का निरीक्षण किया, पौधरोपण किया, ‘मैजिक ड्रेन’ तकनीक का प्रदर्शन देखा तथा राज्य की विकास परियोजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

