सहसपुर की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, ITBP जवानों तक पहुंचा रहीं ऑर्गेनिक सब्जियां

देहरादून।राजधानी के सहसपुर विकासखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जिला प्रशासन, उद्यान विभाग एवं ग्रामोत्थान (रीप) की पहल से महिलाएं स्थानीय किसानों से ताजी एवं ऑर्गेनिक सब्जियां खरीदकर सीमाद्वार स्थित आईटीबीपी (ITBP) के जवानों तक नियमित रूप से पहुंचा रही हैं। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, वहीं महिलाओं को घर के पास ही रोजगार और अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिला है।
उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं आईटीबीपी की मांग के अनुरूप ऑर्गेनिक एवं पौष्टिक सब्जियों की नियमित आपूर्ति कर रही हैं। वर्तमान में समूह आईटीबीपी की कुल आवश्यकता का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर रहा है। अप्रैल से अब तक समूह पांच बार कुल 1,341 किलोग्राम (13.41 क्विंटल) से अधिक सब्जियों की सफल आपूर्ति कर चुका है। इनमें 29 अप्रैल को 317 किलोग्राम, 11 मई को 181 किलोग्राम, 29 मई को 209 किलोग्राम, 12 जून को 306 किलोग्राम और 2 जुलाई को 328 किलोग्राम सब्जियां सप्लाई की गईं।
सहसपुर ब्लॉक की नई पंचायत आमवाला के कोटरा संतूर गांव की महिलाएं आसपास के गांवों से किसानों द्वारा उगाई गई ताजी सब्जियां एकत्रित कर सीधे आईटीबीपी तक पहुंचाती हैं। इससे किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधा बाजार उपलब्ध हो रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है। आईटीबीपी की ओर से सहसपुर क्षेत्र की ऑर्गेनिक सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है और भविष्य में इसमें 50 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। मांग बढ़ने पर विकासनगर, लांघा और डोईवाला क्षेत्रों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
समूह द्वारा आलू, टमाटर, गोभी, बैंगन, लौकी, भिंडी, शिमला मिर्च, मशरूम, करेला, धनिया, कद्दू और खीरे जैसी ताजी सब्जियों की नियमित आपूर्ति की जा रही है। प्रत्येक आपूर्ति पर समूह की महिलाओं को लगभग 5 प्रतिशत का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
समूह सदस्य लीना धीमान ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और आईटीबीपी के जवानों को ताजी एवं पौष्टिक ऑर्गेनिक सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 13 क्विंटल से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियां आईटीबीपी को सप्लाई की जा चुकी हैं तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जाएंगे।
मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक एक लाख रुपये से अधिक मूल्य की ऑर्गेनिक सब्जियां आईटीबीपी को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) सोनम गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक आपूर्ति पर समूह की महिलाओं को एक से दो हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे उनकी आजीविका को नया आधार मिला है।
यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उत्तराखंड में ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सफल मॉडल बनकर उभर रही है।

