एलयूसीसी चिटफंड घोटाला: सीबीआई ने 18 आरोपियों व संस्था के खिलाफ आरोपपत्र दायर, 400 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप

एलयूसीसी चिटफंड घोटाला: सीबीआई ने 18 आरोपियों व संस्था के खिलाफ आरोपपत्र दायर, 400 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप
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देहरादून।केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों और संस्था के विरुद्ध आरोपपत्र दायर किया है। यह आरोपपत्र 10 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम के विशेष न्यायालय में दाखिल किया गया।

सीबीआई के अनुसार, मामले में समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल सहित कई पदाधिकारियों एवं सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम तथा अनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।

जांच में सामने आया कि एलयूसीसी ने उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से अनियमित जमा योजनाएं संचालित कर लगभग एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये जमा किए। कुछ जमाकर्ताओं को आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन कुल धोखाधड़ी की राशि 400 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। सीबीआई के मुताबिक, नई जमा राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान कर संस्था पोंजी स्कीम के रूप में संचालित की जा रही थी।

सीबीआई ने समीर अग्रवाल को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया है। जांच एजेंसी के अनुसार, जमाकर्ताओं की धनराशि के गबन और हेराफेरी के लिए मुंबई में 10 शेल (फर्जी) फर्मों के बैंक खाते खुलवाए गए और धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया। सीबीआई ने यह भी कहा कि समीर अग्रवाल और उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं तथा उन्हें वापस लाने के लिए नोटिस और सर्कुलर जारी किए गए हैं।

मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान की गई, जिनमें से 29 संपत्तियों पर अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष संपत्तियों के संबंध में कुर्की की प्रक्रिया जारी है।

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देवभूमि खबर

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