उत्तराखंड के बागवानी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर

उत्तराखंड के बागवानी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर
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देहरादून। प्रदेश के किसानों और उद्यान उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में उत्तराखंड औद्यानिक परिषद की 9वीं सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई। कृषि मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उद्यानिकी एवं कृषक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए गए।

बैठक में स्थानीय किसानों एवं कृषक फेडरेशनों को स्थायी और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की चम्पावत, अल्मोड़ा और रानीखेत स्थित वाहिनियों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित ताजे फल एवं सब्जियों की नियमित आपूर्ति का निर्णय लिया गया। इस संबंध में उत्तराखंड औद्यानिक परिषद, एसएसबी की संबंधित वाहिनियों तथा मुख्य/जिला उद्यान अधिकारियों के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इससे पहले आईटीबीपी के साथ हुए एमओयू के तहत 1 अप्रैल 2026 से राज्य के पांच जनपदों की करीब 12 फॉरवर्ड पोस्टों को स्थानीय फल एवं सब्जियों की आपूर्ति की जा रही है। अब तक करीब 42,757 किलोग्राम फल-सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसके एवज में स्थानीय किसानों एवं कृषक फेडरेशनों को करीब 22.70 लाख रुपये का भुगतान हुआ है।

बैठक में आईटीबीपी को स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ई-खरीद पोर्टल की तर्ज पर एक समर्पित पोर्टल विकसित करने को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई। अक्टूबर 2026 से अगले एक वर्ष के लिए आईटीबीपी को स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर सहमति बनी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी संस्थानों और सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं को स्थानीय किसानों की उपज से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
निर्यात के लिए बनेगा एकीकृत पैक हाउस
बैठक में फल, फूल, सब्जी, मसाले और प्रसंस्कृत उद्यानिकी उत्पादों के लिए आधुनिक पैकेजिंग सामग्री के विकास एवं निर्माण को लेकर भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी), मुंबई के साथ एमओयू किए जाने को मंजूरी दी गई। वहीं कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से एकीकृत पैक हाउस स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

पैक हाउस में उत्पादों की छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग, गुणवत्ता परीक्षण और निर्यात-पूर्व आवश्यक सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी। इससे उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश-विदेश के उच्च मूल्य वाले बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

बैठक में गुणवत्तायुक्त कीवी पौध सामग्री के उत्पादन के लिए हाईटेक नर्सरी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा जाइका पोषित यूकेआईएचडीपी परियोजना के तहत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक, कुल दो हाईटेक नर्सरियां स्थापित की जाएंगी। इनका उद्देश्य विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

बैठक के प्रारंभ में परिषद की साधारण सभा में नामित नवनियुक्त सदस्य संजय थलियाल और मनमोहन भारद्वाज तथा विशेष आमंत्रित सदस्य सौरभ ममगाईं का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव वित्त शिव स्वरूप त्रिपाठी, कुलपति भरसार डॉ. वीपी भट्ट, सीईओ औद्यानिक बोर्ड नरेंद्र यादव, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, निदेशक उद्यान आरके सिंह सहित परिषद के सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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