घांघरिया में आधी रात पुलिस बनी सहारा, जंगली मशरूम खाने से बीमार चार नेपाली नागरिकों को समय पर पहुंचाया अस्पताल

घांघरिया। घांघरिया में देर रात जंगली मशरूम खाने से बीमार हुए चार नेपाली नागरिकों के लिए पुलिस मददगार बनी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए बीमारों को अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से सभी की हालत में सुधार हुआ।
दिनांक 24 अगस्त 2026 की रात नेपाली मूल के भीम रोका ने घांघरिया पुलिस चौकी पहुंचकर सूचना दी कि शाम करीब सात बजे कुछ नेपाली नागरिकों ने जंगली मशरूम का सेवन कर लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी, लूज मोशन तथा तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। तत्काल उपचार नहीं मिलने पर उनकी स्थिति गंभीर होने की आशंका थी।
रात अधिक होने के कारण घांघरिया गुरुद्वारे की डिस्पेंसरी और बाजार के मेडिकल स्टोर बंद थे। वहीं, ज्योतिर्मठ अस्पताल भी काफी दूर था और वहां पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर पैदल तथा इसके बाद 20 किलोमीटर वाहन से सफर करना पड़ता।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए चौकी घांघरिया में तैनात कानि. गौरव सिंह नेगी, कानि. भूपेंद्र सिंह नेगी, होमगार्ड सचिन गुसाईं, होमगार्ड मनमोहन, पीआरडी विनोद, पीआरडी प्रेमचंद और पीआरडी रमेश तत्काल भीम रोका के साथ बीमार व्यक्तियों के डेरे पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने चारों बीमारों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया।
रातभर चले उपचार के बाद चारों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 25 अगस्त की सुबह करीब छह बजे चिकित्सकीय परामर्श के बाद सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सुरक्षित उनके डेरे तक लेकर गए।
पुलिस ने सभी को जंगली मशरूम अथवा किसी भी अज्ञात जंगली सब्जी का सेवन न करने की सख्त हिदायत दी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चारों नेपाली नागरिकों को समय पर उपचार मिल सका और उनकी जान बचाने में मदद मिली।
