बागवानी विकास परियोजना को पीएम गतिशक्ति से जोड़ा जाएगा, 16 क्लस्टरों की होगी समीक्षा

बागवानी विकास परियोजना को पीएम गतिशक्ति से जोड़ा जाएगा, 16 क्लस्टरों की होगी समीक्षा
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देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की समीक्षा की। बैठक में परियोजना के विभिन्न घटकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने जाइका से वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास योजना को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे परियोजना की जीआईएस आधारित डिजिटल मैपिंग हो सकेगी और अन्य विकास योजनाओं के साथ बेहतर एकीकरण एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने परियोजना के वर्षवार लक्ष्य निर्धारित कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।

मुख्य सचिव ने नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी के 16 विकासखंडों में संचालित 16 क्लस्टर आधारित बिजनेस ऑर्गनाइजेशन (CBBO) की अलग-अलग समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर के प्रदर्शन का आकलन किया जाए और यह देखा जाए कि कौन-सा क्लस्टर किस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी के लिए पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने प्रमुख सचिव सिंचाई को सभी 16 क्लस्टरों के लिए निश्चित सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित सिंचाई व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर सप्लाई चेन विकसित करने और पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे आकार के कोल्ड स्टोरेज तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज को छोटे आकार में तैयार किया जा सकता है तथा जरूरत बढ़ने पर इनकी संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए जाइका से सहमति लेकर अलग-अलग क्षमता के कोल्ड स्टोरेज तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाएं तलाशने को कहा।

मुख्य सचिव ने पॉलीहाउस योजना की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘महक क्रांति’ के तहत वर्ष 2026 से 2036 तक प्रत्येक वर्ष के लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने योजना की सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव डॉ. एस.एस. पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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