अवैध रूप से भारत में रह रही बांग्लादेशी महिला हिरासत में, डिपोर्ट की होगी कार्रवाई

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देहरादून पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश और बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार महिला वर्ष 2017 में अवैध रूप से भारत आई थी और वर्तमान में देहरादून में अपने पति के साथ रहकर बुटीक संचालित कर रही थी।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के क्रम में कोतवाली पटेलनगर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने पंजाबी कॉलोनी, आईएसबीटी के निकट किराये पर रह रही संदिग्ध महिला का सत्यापन किया। पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर महिला कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। पूछताछ के लिए थाने लाए जाने पर उसने अपना नाम हमीदा अख्तर उर्फ हमीदा खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी ढाका, बांग्लादेश बताया।
पुलिस के मुताबिक महिला के मोबाइल फोन से उसके नाम की एक बांग्लादेशी आईडी और बांग्लादेशी पासपोर्ट की तस्वीरें मिलीं। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह वर्ष 2017 में असम बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी। वर्ष 2018 में उसने दिल्ली निवासी अकरम नाम के व्यक्ति से निकाह किया और करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अपने पति के साथ देहरादून आई थी।
देहरादून में महिला अपने पति के साथ अलग-अलग स्थानों पर किराये पर रही और चांचक पुल के पास संचालित बुटीक में पति के साथ काम कर रही थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला को भारत में अवैध रूप से रहने में किन लोगों ने सहायता की। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की बात कही है।
पुलिस के अनुसार महिला के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और नियमानुसार उसे डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
देहरादून पुलिस के अनुसार इससे पूर्व जनपद में अवैध रूप से रह रहे 21 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रहे 11 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया, जबकि 10 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।

