अनुशासनहीनता पर AAP की बड़ी कार्रवाई, डीके पाल 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

देहरादून। आम आदमी पार्टी उत्तराखण्ड ने पार्टी अनुशासन एवं संगठनात्मक मर्यादाओं के उल्लंघन के मामले में वरिष्ठ पार्टी नेता डी.के. पाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से 6 वर्षों के लिए प्राथमिक सदस्यता सहित पार्टी के सभी पदों एवं जिम्मेदारियों से निष्कासित कर दिया है।
पार्टी की ओर से जारी अनुशासनात्मक आदेश के अनुसार, डी.के. पाल को पूर्व में भी अनुशासनहीनता एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पार्टी संगठन ने उनकी वरिष्ठता और पूर्व योगदान को देखते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया था। इसके बाद पूर्व में उन्हें क्षमादान देते हुए संगठनात्मक रूप से सुधार का अवसर प्रदान किया गया था।
हालांकि, पार्टी के अनुसार, अवसर दिए जाने के बावजूद उनके व्यवहार एवं गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और दोबारा ऐसी गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई, जिन्हें पार्टी संगठन के हितों और अनुशासन व्यवस्था के विपरीत माना गया।
आम आदमी पार्टी उत्तराखण्ड ने कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। पार्टी नेतृत्व के अनुसार संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकजुटता और पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संगठनात्मक अनुशासन का पालन आवश्यक है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संगठनात्मक निर्णयों, पार्टी अनुशासन और निर्धारित प्रक्रियाओं का सम्मान करना प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
पार्टी नेतृत्व ने कहा कि संगठन में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता अथवा पार्टी विरोधी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन और जनहित को प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय एवं एकजुटता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया है।
