ईडी का बड़ा एक्शन: 3.31 करोड़ रुपये के HDFC म्यूचुअल फंड यूनिट्स अटैच

बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने अक्शथा मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 1 सितंबर 2026 को पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी करते हुए HDFC Balanced Advantage Fund की 62,914.316 यूनिट्स को अटैच किया है। इन यूनिट्स का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 3.31 करोड़ रुपये बताया गया है।
ईडी की जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, बेंगलुरु द्वारा अक्शथा मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया कि आयरन ओर के कारोबार एवं निर्यात से जुड़ी अक्शथा मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने बैंक ऑफ इंडिया से करीब 6 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा प्राप्त की थी। इसके लिए छह संपत्तियों को इक्विटेबल मॉर्गेज के रूप में बैंक के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ईडी के मुताबिक, बेंगलुरु के जयमहल स्थित एक संपत्ति को कथित रूप से दिवंगत श्रीमती लक्ष्मम्मा की संपत्ति बताया गया, जबकि इसके समर्थन में फर्जी एवं जाली खाता रिकॉर्ड, टैक्स भुगतान रसीदें, बेटरमेंट चार्ज रसीदें और अन्य राजस्व दस्तावेज बैंक के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इस संपत्ति के आधार पर बैंक ऑफ इंडिया ने 3 करोड़ रुपये की राशि जारी की।
जांच में ईडी ने पाया कि अपराध से अर्जित आय में शामिल 1 करोड़ रुपये 13 फरवरी 2010 को अक्शथा मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से Catholic Diocese of Bellary Trust को ट्रांसफर किए गए थे।
इसके बाद उक्त धनराशि को विभिन्न HDFC म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश और पुनर्निवेश किया गया। ईडी ने मनी ट्रेल के जरिए दावा किया कि मूल संदिग्ध रकम लगातार किए गए निवेशों के माध्यम से ट्रेस होती रही और अंततः HDFC Balanced Advantage Fund की 62,914.316 यूनिट्स के रूप में सामने आई।
ईडी के अनुसार, मूल 1 करोड़ रुपये की रकम निवेश के बाद बढ़कर करीब 3.31 करोड़ रुपये हो गई। इस बढ़ी हुई राशि को अपराध से अर्जित आय से प्राप्त लाभ/अभिवृद्धि मानते हुए अटैच किया गया है।
इससे पहले ईडी ने 28 मार्च 2026 को बेंगलुरु की विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
