KCC लोन के लिए रिश्वत लेना पड़ा भारी, दो बैंक अधिकारियों समेत तीन को कठोर कारावास

लखनऊ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालतों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के लिए रिश्वत लेने के दो अलग-अलग मामलों में दो तत्कालीन बैंक अधिकारियों समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला 25 अगस्त 2026 को सुनाया।
पहले मामले में बारोडा यूपी ग्रामीण बैंक, हरिहरपुर शाखा, सुल्तानपुर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राकेश चंद्र ठाकुर ने शिकायतकर्ता के 4.25 लाख रुपये के KCC लोन की पहली किस्त जारी करने के एवज में 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI ने 12 मार्च 2018 को मामला दर्ज कर जाल बिछाया और राकेश चंद्र ठाकुर को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद CBI ने 10 मई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण, CBI कोर्ट नंबर-06, लखनऊ ने राकेश चंद्र ठाकुर को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में पूर्वांचल बैंक, पार्टावल बाजार शाखा, महाराजगंज के तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवि कुमार गुप्ता ने शिकायतकर्ता के KCC लोन को प्रोसेस करने के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने 10,000 रुपये की रिश्वत एक निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब के माध्यम से स्वीकार की। CBI ने दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। मामले में 30 सितंबर 2016 को आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
CBI के विशेष न्यायाधीश (पश्चिम), लखनऊ ने 25 अगस्त 2026 को रवि कुमार गुप्ता और इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास तथा 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
